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बारिश में काला हुआ धान, जिले में नहीं मिल रहे खरीदार

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अफजलगढ़ के गांव आलमपुर गांवड़ी में बारिश के बाद धान सुखाते ग्रामीण। - फोटो : BIJNOR
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बारिश में काला हुआ धान, जिले में नहीं मिल रहे खरीदार
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बिजनौर। बारिश की वजह से काले हुए धान के दाम बाजार में गिर गए हैं। बाजार में धान के दाम इस समय 1400 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। जबकि सरकार की ओर से धान के दाम 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित हैं। जिले में काले हुए धान को बाजार भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जिले के किसान धान बेचने के लिए रामराज और काशीपुर का रुख कर रहे हैं। वहीं किसी तरह धान बिक रहा है।
करीब 15 दिन पहले हुई बारिश ने किसानों की तैयार धान की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया। जब बारिश हुई तब तक केवल 20 प्रतिशत धान की ही झड़ाई हुई थी। धान की फसल खेत में पानी भरा होने से काली हो गई। किसानों ने धान को किसी तरह सुखाया, लेकिन बारिश में भीगे धान को अब बाजार नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने मोटे धान के दाम 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए हैं। इसके अलावा बारिश से पहले बाजार में शरबती धान 1900 रुपये प्रति क्विंटल और बासमती धान 3200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे थे। बारिश में भीगने से धान काला हो गया और उसकी गुणवत्ता खराब हो गई। बारिश में भीगकर धान टूटने भी लगता है। इस तरह के धान की बाजार में न के बराबर मांग रहती है। बारिश में भीगे धान के दाम बहुत कम हो गए हैं। अब बाजार में मोटा धान 1400 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। इसके अलावा शरबती धान के दाम गिरकर 1700 और बासमती धान के गिरकर 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गए हैं। धान का बाजार जिले में पहले ही कम है। जिले के किसान धान को रामराज और काशीपुर में जाकर बेचते हैं।
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किसानों को मिलना चाहिए मुआवजा
भाकियू के मंडल अध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि बारिश से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। अब तक किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट तक तैयार नहीं हो पाई है। किसानों को नुकसान का मुआवजा मिलना चाहिए। तब ही उनके नुकसान की भरपाई हो सकेगी।
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