अवैध कब्जा धारकों से वसूली के दिए आदेश
चांदपुर। नगरपालिका की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने के मामले में उपजिलाधिकारी न्यायालय द्वारा बेदखली के आदेश पारित किये गये है। न्यायालय द्वारा भूमि का उपयोग करने की अवधि का किराया जमा करने के आदेश भी अवैध कब्जा धारकों को दिये हैं।
मोहल्ला कोटला में नगरपालिका की 864 वर्ग फुट में बनी एक दुकान को वर्ष 2010 में नीलामी प्रक्रिया के तहत पांच वर्ष के लिए किराए पर दिया गया था। पालिका द्वारा नीलामी प्रक्रिया पूरी होने पर नवंबर 2011 में नीलामी दाता को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के अंदर किरायानामा पंजीकृत कराने को कहा गया था। पालिका का आरोप है कि नीलामीदाता ने नीलामी में ली गई दुकान का कोई किरायानामा पंजीकृत नहीं कराया था। नगरपालिका द्वारा 30 मई 2014 को किरायेदारी समाप्त कर दुकान खाली करने के निर्देश दिये थे। उसके बाद भी दुकान खाली नहीं की गई। पालिका द्वारा उपजिलाधिकारी न्यायालय में पीपी एक्ट के अंतर्गत वाद दायर किया गया था। वाद की न्यायालय में लंबे समय तक सुनवाई होने के बाद भी प्रतिवादी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए थे। न्यायालय उपजिलाधिकारी द्वारा नगरपालिका की भूमि पर किये गये निर्माण व कब्जे को अवैध मानते हुए उसकी बेदखली के साथ ही कब्जाधारक द्वारा वर्ष 2011 से उपभोग की जा रही पालिका की दुकानों का पचास हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 25 अप्रैल तक का किराया भी जमा करने के आदेश दिये है।