बिजनौर में मस्जिद में हुई बैठक में मौजूद लोग
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बिजनौर में जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिमों की बैठक में उनके समर्थकों ने मौलाना अनवारूल हक को निर्दोष बताया। वायरल हुई वीडियो को साजिश बताया। इस साजिश मेें शामिल लोगों के खिलाफ तल्ख तेवर दिखाते हुए मुस्लिमों ने नाराजगी जताई। मुस्लिमों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसपी सिटी एमएम बेग को सौंपा।
चाहशीरी स्थित जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद आयोजित बैठक में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब ने कहा कि अनवारूल हक की गिरफ्तारी हुई तो उनके समर्थन में मुस्लिम समाज के लोग जेल जाने को तैयार हैं। पुलिस पहले इमाम की दाढ़ी पकड़ने वालों को गिरफ्तार करे। नफीस अहमद कुरैशी ने वीडियो को फर्जी बताया। ई-रिक्शा यूनियन के मंत्री नानकचंद खेड़ा ने एसपी के विरुद्ध तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि पुलिस अनवारूल हक के पीछे पड़ी है।
अनवारूल हक के समर्थन में जिले के हजारों ई-रिक्शा चालक एक हैं। शिक्षक सआदत हुसैन ने कहा कि टेक्नालॉजी के दौर में किसी के भी शरीर पर किसी का भी चेहरा लगाया जा सकता है। आरिफ कुरैशी ने कहा कि साजिश करने वाले जल्द बेनकाब होंगे। सपा जिला महासचिव महबूब कुरैशी ने जांच के बाद ही कार्रवाई की मांग की। अनवारूल हक दिए बयान की माफी मांग ली है। यह मामला खत्म होना चाहिए। पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने कहा कि अगर कोई मस्जिद में जूते पहनकर आया तो उसका विरोध होना चाहिए था। बैठक करीब छह बजे खत्म हुई। कारी अब्दुल हन्नान, मौलाना शरीफ, मौलाना हसीनुद्दीन, हाजी दानिश, मौलाना इदरीस, फुरकान, दानिश आदि मौजूद रहे।