बिजनौर। प्रशासन की घेराबंदी के चलते जिले में ग्राम प्रधानों के चुनाव की मतगणना शांति पूर्वक संपन्न हुई। मतगणना 11 मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग द्वारा तय समय सुबह सात बजे से शुरू हुई।
मतगणना केंद्रों पर प्रशासन सुबह से ही पूरी तरह चाक चौबंद था। केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था थी। प्रत्याशियों के एजेंटों को चक्रवार अंदर जाने की अनुमति थी।
प्रशासन की घेराबंदी के चलते बाहरी व्यक्ति मतगणना स्थल के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। डीएम तथा एसपी की जुगलबंदी ने मतगणना के कार्य को सफलता पूर्वक संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। दोनों शीर्ष अधिकारी केंद्रों के दौरे करते रहे।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी व सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा, एडीएम वित्त एवं राजस्व रमेश चंद सुपर जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में निगाह रखे थे। प्रशासन द्वारा जिला पंचायत चुनाव की अपेक्षा मतगणना टेबल की संख्या बढ़ा दिए जाने से सभी केंद्रों पर मतगणना सायं सात बजे तक समाप्त हो गई।
अधिकांश केंद्रों पर द्वितीय पाली के मतगणना कर्मचारियों को वापस कर दिया गया। हल्दौर के मतगणना केंद्र पर ग्राम पंचायत मुकरपुर खेमा की मतगणना को लेकर कई बार विवाद हुआ।
प्रत्याशियों की मांग पर आरओ ने पुन: मतगणना कराने के आदेश दिए। इस बार प्रधानी चुनाव में युवाओं ने जमकर हाथ आजमाए। जिले में नूरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत झुझैला पूरे चुनाव में चर्चा में रही।
वहां से आईटी कंपनी से नौकरी छोड़कर तरुण शेखावत चुनाव मैदान में थे। इस ग्राम पंचायत में बिजेंद्र सिंह चुनाव जीते। तरुण शोखावत चुनाव हार गए। बिजनौर ब्लॉक की तैमूरपुर दीपा ग्राम पंचायत से एमबीए पास रीना चुनाव मैदान में थी।
मतदाताओं ने उन्हें भी नकार दिया। इस चुनाव में मतदाताओं ने मठाधीश प्रत्याशियों को भी धूल चटा दी।
जीत लिया मैदान
धामपुर। धामपुर अल्हैपुर ब्लाक क्षेत्र में रविवार को केएम इंटर कालेज में सवेरे सात बजे से 97 प्रधान और ग्राम सभा 267 मेंबर पद के लिए पड़े वोटों की गणना हुई। प्रधान और मेंबरी पद के लिए 32 टेबल लगाए गए थे। प्रत्येक टेबल पर एक एआरओ और तीन गणक लगे थे।
चार बार हुई रिकाउंटिंग
धामपुर। ग्राम सभा नाथाडोई की मतगणना में प्रधान पद की उम्मीदवार शशिबाला और सुषमा के बराबर वोट आने पर चार बार रिकाउंटिंग हुई। इस रिकाउंटिंग में एक वोट अधिक मिलने से शशिबाला चुनाव जीत गईं।