केवल तीन महिलाओं ने ही कराया नसबंदी
बिजनौर। शासन के निर्देश पर जिला महिला अस्पताल में लगाए गए नसबंदी शिविर में मात्र तीन महिलाओं ने ही अपनी नसबंदी कराकर जनसंख्या नियंत्रण में अपना सहयोग दिया, जबकि एक भी पुरुष ने आबादी को नियंत्रित करने में अपना फर्ज नहीं निभाया। नियमानुसार हर कैंप में कम से कम दस नसबंदी के ऑपरेशन होने चाहिए।
जिला महिला अस्पताल में 21 अगस्त को नसबंदी ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। इसमें केवल तीन महिलाएं ही अपनी नसबंदी कराने पहुंची, लेकिन एक भी पुरुष इसमें ऑपरेशन कराने नहीं आया। इससे साफ है कि केवल आधी आबादी ही जनसंख्या को नियंत्रित करने में सहभागिता करती हैं, लेकिन पुरुष इससे कोसों दूर रहते हैं। डिप्टी सीएमओ डा. बीनू गुप्ता ने बताया कि एक शिविर में कम से कम दस ऑपरेशन होने चाहिए, लेकिन 21 अगस्त वाले शिविर में केवल तीन महिलाओं ने ही ऑपरेशन कराया। उन्होंने बताया कि जिनका परिवार पूरा हो जाता है, उन्हें ऑपरेशन कराने को प्रोत्साहित करती है। नसबंदी कराने वाले हर पुरुष को तीन हजार रुपये और महिलाओं को दो हजार रुपये प्रोत्साहित राशि संबंधित के खातों में स्थानांतरित की जाती है। इसके बावजूद लोग इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण भी लोग इसमें सहभागिता निभाने से बच रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में इससे कुछ बेहतर रहता है। उन्होंने बताया कि अब अगला शिविर 28 अगस्त को जिला अस्पताल में आयोजित होगा, जो भी पुरुष स्त्री इस शिविर में आकर अपना ऑपरेशन कराना चाहते हैं तो वे एक दिन पूर्व जिला अस्पताल में आकर भर्ती हो जाएं। क्योंकि नसबंदी के ऑपरेशन से पूर्व कोविड-19 की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही नसबंदी का ऑपरेशन किया जाएगा। कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करने और कोरोना के खतरे से चिकित्सक और मरीज को बचाने के लिए ऐसा करना अनिवार्य है।