पौने पांच हजार कुपोषित बच्चों के लिए सिर्फ तीन दुधारू गाय
बिजनौर। गोशालाओं में बंधी गायों से बच्चों से कुपोषण के खत्म होना संभव नहीं है। जिले में चार हजार से ज्यादा अति कुपोषित बच्चों को बांटने के लिए केवल तीन दुधारू गाय हैं। वे भी केवल एक से डेढ़ लीटर तक ही दूध दे रही हैं। सरकारी गोशाला में बाकी गोवंश या तो बूढ़ा है या फिर नर है।
नौनिहालों से कुपोषण के खात्मे के लिए साल 1975 से अभियान चलाया जा रहा है। महिला बाल विकास एवं पोषाहार विभाग के जरिए बच्चों को मिड डे मील व पोषाहार दिया जाता है। इस समय किसानों द्वारा छोड़े गए गोवंश की भी सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर अभियान चला रखा है।
सरकार ने कुपोषण के खात्मे के लिए गाय के दूध का सहारा लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अति कुपोषित बच्चों वाले परिवार को गोशाला में बंधी गाय नि:शुल्क देने की घोषणा की है। जिले में 4706 बच्चे अति कुपोषित हैं, जबकि 27 हजार 191 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में आते हैं। गोशालाओं में एक हजार से अधिक पशु बंधे हैं लेकिन इनमें केवल तीन गाय ही ऐसी हैं जो दूध दे रही हैं। इनका दूध भी एक दिन में एक से डेढ़ लीटर ही रहता है। बाकी गोवंश या तो बूढ़ा है या नर है। ऐसे में शायद ही कोई परिवार इन गायों को लेना पसंद करेगा।
गोशाला नर मादा योग
शेरकोट 40 26 66
चांदपुर 17 12 29
किरतपुर 19 17 36
झालू 52 28 80
मंडावर 15 15 30
नूरपुर 37 31 68
जलालाबाद 18 17 35
बिजनौर 58 25 83
नहटौर 10 04 14
अफजलगढ़ 02 06 08
साहनपुर 14 13 27
नजीबाबाद 04 11 15
नगीना 00 00 00
बढ़ापुर 00 00 00
अमीनाबाद 00 00 00
सबलगढ़ 00 00 00
टांडा माईदास 00 00 00
छाछरीटीप 273 174 446
रेहड़ 11 00 11
कोटकादर 05 08 13
बास्टा 00 00 00
लालवाला 05 04 09
भागूवाला 00 00 00
गोपालपुर 00 00 00
रावली 06 05 11
देवमल 00 00 00
भगवानपुर रैनी 15 15 30
कुल 586 396 1011
नोट : गोवंश की संख्या पशुपालन विभाग से ली गई है। कुछ गोशालाओं में अभी पशु नहीं रखे जा रहे हैं।
गोद भी दिए गए गोवंश
पिछले साल पशुपालन विभाग द्वारा 350 गोवंश को गोद भी दिया गया था। लगभग सभी गाय थीं। इन किसानों को सरकार की ओर से गायों के भरण पोषण के लिए 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान भी किया जा रहा है।
नर व बूढ़े गौवंश हैं गौशाला में
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.भूपेंद्र सिंह के अनुसार गोशालाओं में नर व बूढ़े पशु हैं। इस समय केवल तीन ही दुधारू गाय हैं। इसके बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है।
अभी नहीं हैं दुधारू गाय
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा कुपोषित बच्चों को गोशाला से गाय दिलाने के लिए कहा गया है। अभी गोशालाओं में दुधारू गाय नहीं हैं।