‘केवल घोषणा है, योजना कुछ नहीं’
बिजनौर। सोमवार को पेश बजट में सरकार ने पहली बार फसलों का डेढ़ गुना एमएसपी निर्धारित करने की बात कही है। हालांकि इसका कानून बनेगा या नहीं इसके बारे में बजट में कोई घोषणा नहीं की गई है। किसान ने बजट को खाली पुलाव पकाने से ज्यादा कुछ नहीं बताया। केवल घोषणा है, योजना कुछ नहीं है। किसानों ने कहा कि आमदनी बढ़ाने की बात तो दूर ऊपर से प्रति लीटर डीजल पर चार रुपये बढ़ने से खेती और भी ज्यादा महंगी हो जाएगी।
बजट में किसानों की आमदनी दोगुनी करने और फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य निर्धारित करने की बात कही है, लेकिन किसानों को यह इतना आसान नहीं लगता है। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ानी की बात तो काफी समय से कर रही है, लेकिन किसानों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए कोई योजना नहीं चला रही है। खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा है लेकिन किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं दिया जा रहा है।
और बढ़ेगी लागत
भाकियू अंबावता जिलाध्यक्ष विजयपाल सिंह का कहना है कि सरकार का बजट पूरी तरह किसान विरोधी है। किसानों को बजट में कुछ दिया तो गया नहीं उल्टा डीजल पर चार रुपये लीटर बढ़ा दिए गए हैं। इससे खेती की लागत बढ़ेगी। सरकार किसान को लागत का डेढ़ गुना मूल्य न दिला दे तब तक खेती घाटे का सौदा ही रहेगी।
किसानों पर कुठाराघात
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि बजट में किसानों को कुछ नहीं दिया गया है। डीजल पर चार रुपये बढ़ाकर किसानों पर सरकार ने एकदम कुठाराघात किया है। किसान विरोधी सरकार से और कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती है।
दिगंबर सिंह।- फोटो : BIJNOR