बिजनौर। अब तक मनरेगा कहलाने वाली योजना बीबी जीरामजी में तब्दील हो चुकी है। जी राम जी के लागू होने के बाद पहले दिन एक मजदूरों को रोजगार मिला है। इसके लिए बाकायदा 22 ग्राम पंचायतों में बृहस्पतिवार को अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिन्होंने जॉब कार्ड धारकों और रोजगार सेवकों को योजना के तकनीकी पहलुओं के बारे में बताया।
केंद्र सरकार ने मनरेगा में तमाम प्रावधानों का फेरबदल करते हुए नाम में भी बदलाव कर दिया गया था। जिसे एक जुलाई से देशभर में लागू किया गया है। इसी क्रम में बिजनौर के सभी 11 ब्लॉक की दो-दो ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित कर योजना के तहत काम चालू कराए गए। करीब 1000 मजदूरों ने काम किया। अधिकारियों ने जॉब कार्ड धारकों, रोजगार सेवक और पंचायतों के प्रशासकों को योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बताया गया कि अब एक मजदूर को 100 के बजाए 125 दिन रोजगार मिलेगा। मजदूरी को भी 252 रुपये बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। साथ ही सात दिन में मजदूरी के भुगतान की गारंटी है। हालांकि साल में 60 दिनों तक जी राम जी के तहत काम नहीं हो पाएंगे, ताकि किसानों को फसल कटाई के दौरान मजदूरों का अभाव न हो सके। इतना ही नहीं मजदूरों की हाजिरी के पैटर्न में बदलाव किया गया है, पहले फोटो से हाजिरी लग जाती थी, मगर अब आधार से जॉब कार्ड को लिंक किया गया है। ई केवाईसी के साथ ही आंख की पुतली हाजिरी का प्रमाण होगी।
एक जुलाई से जी राम जी को लागू किया गया है, पहले दिन बारिश के कारण काम नहीं हो सके थे, ऐसे में बृहस्पतिवार को 22 ग्राम पंचायतों में काम चालू कराया गया है। ....डीसी यादव, उपायुक्त, बीबी जी राम जी