दशकों से नहीं बन पाया एक किलोमीटर मार्ग
नहटौर। दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ने और तहसील मुख्यालय के कच्चे संपर्क मार्ग का दंश ग्रामीण दशकों से झेल रहे है, लेकिन इस एक किलोमीटर कच्चे मार्ग को बनवाने की किसी ने आज तक कोई सुध नहीं ली है। बरसात शुरू होते ही यह मार्ग कीचड़ में तब्दील होने पर तीन माह के लिए बंद हो जाता है।
नहटौर-मंडौरी मार्ग से गांव फिरोजपुर तक करीब एक किलोमीटर कच्चा मार्ग है। गांव मुकर्रमपुर, मंडौरा, तरकौला, मंडौरी, फजलपुर, सराय, झारखंडी, अमीनाबाद, फिरोजपुर आदि दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ता है। तहसील मुख्यालय जाने के लिए भी यह मार्ग ग्रामीणों के लिए आसान है। इस कच्चे मार्ग को बनवाने के लिए ग्रामीण जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारियों से दशकों से मांग कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। ग्रामीणों का कहना है कि इस कच्चे मार्ग को बनवाने की मांग को देखते हुए विधानसभा चुनाव में कई प्रत्याशी वोट मांगने तक गांव में नहीं आए। ग्रामीण इस कच्चे मार्ग को बनवाने की मांग न रख दें।
बरसात में तहसील मुख्यालय जाने के लिए ग्रामीणों को अधिक दूरी तय करके दूसरे रास्तों से जाना पड़ता है। एक दो वर्ष नहीं दशकों से ग्रामीण इस कच्चे मार्ग की परेशानी को झेल रहे हैं, लेकिन उनकी फरियाद सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित होकर रह जाती है। ग्रामीण घनश्याम सिंह, विजय कुमार, प्रेम कुमार, वीरेंद्र सिंह, हरिओम सिंह, यशपाल सिंह, खेम सिंह, संजय चौहान आदि का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों पर जा जाकर थक चुके हैं। उन्होंने मार्ग को बनवाने की मांग की।