रोहित बनकर गांव में रह रहा था आसिफ
नांगलसोती/नजीबाबाद (बिजनौर)। असली नाम और धर्म छिपाकर एक युवक विधवा महिला के परिवार के संग रहता मिला है। हिंदू युवा वाहिनी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। जिसकी असली पहचान पंजाब के संगरूर के रहने वाले आसिफ के रूप में हुई, जबकि वह खुद का नाम रोहित बताकर रह रहा था।
बृहस्पतिवार को हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को गांव खानपुर के एक परिवार में संदिग्ध युवक के धर्म और नाम बदलकर रहने की सूचना मिली। कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत नांगलसोती थाने में की। वाहिनी के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज चौधरी, अर्पित वर्मा, अमित राठी, कपिल राजपूत का कहना है कि गांव खानपुर में एक महिला अपनी दो बेटियों और एक बेटे के साथ रहती है। 23 वर्षीय संदिग्ध युवक इस हिंदू परिवार को झांसा देकर उनके घर में रहता है और पशु चराने का कार्य करता है। युवक ने हिंदू परिवार से अपनी असली पहचान भी छिपा रखी है। कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद पुलिस गांव खानपुर पहुंची और संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया।
नांगलसोती थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि युवक हिंदू परिवार में रोहित कुमार के नाम से रह रहा था। पुलिस की पूछताछ में युवक की पहचान पंजाब के जिला संगरूर निवासी आसिफ के रूप में हुई है। पुलिस युवक को हिरासत में लेकर पंजाब से यहां आने समेत अन्य जानकारियां हासिल करने में जुटी हैं।
बोलचाल से शक के दायरे में आया
बिजनौर। बोलचाल से आसिफ शक के दायरे में फंस गया। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं और आसिफ के बीच तीखी नोकझोंक हुई। रोहित ने अपना असली नाम आसिफ और पंजाब का रहने वाला बताया। बताया गया कि जिस महिला के संग रह रहा था, उनकी एक गाय को गंगा खादर इलाके में छोड़ने के लिए आसिफ निकला। रास्ते में कुछ युवाओं ने टोक दिया गया कि पहले से ही निराश्रित पशु घूम रहे हैं तो फिर इस गाय को क्यों छोड़ रहे हो। इसी बीच बहस हुई तो आसिफ की असली बोलचाल का पुट उसके मुंह से निकल गया। बोली के आधार पर ही युवकों ने पहचान लिया गया कि वह हिंदू नहीं हो सकता। जिसके बाद पुलिस को खबर कर दी।
धोखा देने के लिए हाथ में बांधा कलावा
आसिफ ने सिर्फ नाम ही नहीं बदला बल्कि धोखा देने के लिए हाथ में कलावा भी बांधकर रखता था। जिस वक्त वह पहचान लिया गया उस दौरान उसके हाथ में कलावा बंधा हुआ था। आरोपी युवक पिछले छह महीने ने महिला के परिवार में रह रहा था।