जिले के समूहों के 700 खातों में भेजे दूसरे मद के एक करोड़
सतीश शर्मा
धामपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों की लापरवाही के चलते जिले में करीब 700 स्वयं सहायता समूहों के रिवाल्विंग फंड में एक करोड़ पांच लाख रुपये की धनराशि किसी दूसरे मद की भेज दी। भारी भरकम धनराशि के समूहों के बैंक खातों में आने के बाद मिशन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जिससे महिलाओं में असंतोष है। शुक्रवार को ब्लाक क्षेत्र की महिलाओं ने मिशन कार्यालय पर जाकर हंगामा किया। अब धनराशि को वापस कराया जा रहा है।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में मिशन कार्यालय पहुंची स्वयं सहायता समूह की महिला राखी, शकुंतला देवी, अर्चना सिंह, हेमलता, दिनेेश कुमारी, सर्वेश, ज्योति, अनीता, वर्षा, कविता, सुमन कुमारी, रिंकी ने रोष जताते हुए कहा कि सरकार की ओर से रोजगार के नाम पर शोर तो मचाया जा रहा है। पर महिलाएं खाली हाथ हैं। आरोप लगाया कि वे कई सालों से काम कर रही हैं। पर उन्हें मानदेय, पारिश्रमिक के नाम पर कुछ नहीं मिला है। जबकि वह मानदेय पाने के लिए कई बार अधिकारियों के कहने पर प्रपत्रों को भरकर जमा कर चुकी हैं।
बताया गया कि सरकार की ओर से ग्रुप की महिलाओं को छोटे छोटे रोजगार करने को रिवाल्विंग फंड में धनराशि भेजी जाती है। पर यह धनराशि भी उनके खाते में सही से नहीं भेजी गई। बताया गया कि रिवाल्विंग फंड में सरकार की ओर से प्रति समूह जो 15 हजार की धनराशि भेजी जाती है, वह किसी दूूसरे मद की भेज दी। जिसे सरकार की ओर से अब वापस लिया जा रहा है। आरोप है कि रकम आने के बाद ब्लाक की कई ग्रुपों की महिलाओं ने रकम को बैंक खातों से निकाल कर रोजगार में खर्च कर दिया। अब वह कहां से देंगी। अब उनके पास धनराशि नहीं बची है। जबकि विभाग के अधिकारी रकम वापसी के लिए दबाव बना रहे हैं।
रकम वापसी के बाद ही फिर से आएगी धनराशि : जिला समन्वयक
जिला समन्वयक ज्ञान सिंह ने बताया कि विभाग स्तर से गलती हुई है। जिले में करीब 700 समूहों के बैक खातों में दूसरे मद की रकम को भेज दिया गया। अब उसे वापस कराया जा रहा है। पूरी रकम के वापस होने के बाद समूहों के खातों में रोजगार करने के लिए रिवाल्विंग फंड का पैसा भेजा जाएगा। बताया गया कि धामपुर ब्लाक में करीब एक हजार समूहों में करीब 11 हजार महिलाएं देश हैं।
यह रिवाल्विंग फंड
बताया गया कि रिवाल्विंग फंड की रकम से समूहों में शामिल महिलाएं आपस में लोन लेकर छोटे-छोटे काम करतीं रहतीं हैं। इसके बदले इन्हें एक प्रतिशत के ब्याज के साथ निर्धारित किश्तों में लोन की रकम रिवाल्विंग फंड में जमा करना होता है।