सियालदह एक्सप्रेस में सफर कर रहे मधुबनी बिहार निवासी दंपती के डेढ़ माह के मासूम की समय से इलाज न मिलने पर मौत हो गई। नजीबाबाद में मासूम का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं मासूम की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में नजीबाबाद स्टेशन पर एक हृदयविदारक घटना ने हर किसी के मन को झकझोरकर रख दिया। सरकारी व्यवस्था की लापरवाही से यहां ट्रेन के भीतर एक मासूम की उपचार के अभाव में मौत हो गई।
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सियालदह एक्सप्रेस में सफर कर रहे डेढ़ माह के मासूम की समय से इलाज न मिलने पर मौत हो गई। मासूम की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मधुबनी बिहार निवासी गंभीरा देवी अपनी विवाहिता पुत्री रितु मिश्रा और उसके तीन बच्चों के साथ सियालदह एक्सप्रेस में सफर कर रहीं थीं।
एस-4 कोच में सवार रितु मिश्रा के डेढ़ माह के पुत्र की सहारनपुर स्टेशन क्षेत्र में तड़के लगभग 5:45 बजे अचानक तबीयत खराब हुई। रितु मिश्रा का कहना है कोच में सवार यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन पर सूचना दी।
सहारनपुर से नजीबाबाद तक उन्हें मेडिकल सुविधा नहीं नहीं मिली जिससे उनके मासूम की मौत हो गई। नजीबाबाद स्टेशन पर सियालदह के रुकने पर आरपीएफ की मदद से प्राइवेट चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। इस दौरान सियालदह एक्सप्रेस को प्रातः 7:19 बजे से 7:40 बजे तक नजीबाबाद स्टेशन पर रुकना पड़ा।
रेल कर्मचारियों और आरपीएफ ने परिजनों के सहयोग से मासूम का मालन नदी पर अंतिम संस्कार किया। रेलवे द्वारा परिवार को अकाल तख्त ट्रेन से गंतव्य के पहुंचाने की व्यवस्था की गई।