बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर
हमला, अधिशासी अभियंता घायल
बिजनौर। बिजली चोरी पकड़ने के लिए छापा मारने गई विद्युत निगम की टीम पर गांव खरक में ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। अधिशासी अभियंता अनिल कुमार पांडेय पर फावड़े से वार किए, गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल से मेरठ रेफर किया गया है। टीम में शामिल कुछ अन्य कर्मचारी भी घायल हुए हैं।
चार को नामजद करते हुए करीब 20 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। शनिवार सुबह करीब पांच बजे शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव खरक में बिजली निगम के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार पांडेय, एसडीओ सचिन रस्तोगी, पंकज सिंह, लाइनमैन नेपाल आदि छापा मारने पहुंचे थे। वहां शानू पुत्र धर्मवीर के यहां केबल में कट लगाकर बिजली चोरी होना पाया गया। टीम ने वीडियोग्राफी इसका वीडियो बनाया और इसी बीच शानू नाम काटने के लिए दबाव बनाने लगा और शोर मचाकर भीड़ एकत्र कर ली। लोगों ने बिजली निगम की टीम के साथ मारपीट की। फावड़ा से वार कर अधिशासी अभियंता अनिल कुमार पांडेय को घायल कर दिया। टीम किसी तरह से जान बचाकर गांव से निकली।
टीम के साथ नहीं थी पुलिस, टूट पड़े ग्रामीण
बिजनौर। बिजली के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम चेकिंग करने के लिए गांव पहुंच गई, लेकिन पुलिस को साथ नहीं ले गई थी। बिजली चोरी के आरोपी ने अचानक शोर कर ग्रामीणों को बुला लिया। इसके बाद ग्रामीण टीम पर टूट पड़े। टीम पर हमले के आरोपी ग्रामीणों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही हैं और ग्रामीण गांव से फरार है। गांव में महिला और बुजुर्ग की ही पुलिस को मिले हैं। एक नामजद आरोपी रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
चेकिंग करने के लिए टीम शानू पुत्र धर्मवीर के यहां पहुंची। वहां पर मीटर से पहले केबल में कट लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। शानू ने पहले टीम पर दबाव बनाया और फिर शोर मचाकर अन्य लोगों को भी बुला लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि तीसरी बार टीम गांव में पहुंची थी और पहले भी चेकिंग के दौरान टीम ने भारी धनराशि का जुर्माना लगाया था। इसके बाद उन्होंने विद्युत निगम की टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। फावड़ा से वार कर अधिशासी अभियंता अनिल कुमार पांडेय को घायल कर दिया। अधिशासी अभियंता अनिल कुमार पांडेय को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। एसडीओ सचिन रस्तोगी की तहरीर पर पुलिस ने शानू पुत्र धर्मवीर, उसके भाई रानू, शौबीर पुत्र शीशराम, उसके भाई रोहित और अज्ञात 20 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमले समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। टीम के साथ मारपीट होने की सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस ने गांव पहुंचकर दबिश दी। एक नामजद आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया है।
डीएम और एसपी ने जाना हाल
डीएम उमेश मिश्रा व एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन अधिशासी अभियंता का हाल जाना और डाक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।