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बगावत पर बिगड़ी बात : जिले की राजनीति में आया भूचाल

Tue, 29 Dec 2015 12:47 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर। जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के चुनाव में बगावत करने  पर सपा हाईकमान ने सदर विधायक रूचि  वीरा को सपा विधायक दल से निलंबित करके पूर्व सांसद यशवीर सिंह धोबी, पूर्व जिलाध्यक्ष जमील अहमदअंसारी, रूचिवीरा के पति उदयनवीरा व नगीना के चेयरमैनखलीलुर्रहमान को पार्टी से निष्कासित करने की सपा हाईकमान की इस कार्रवाई से जिले की राजनीति में हलचल मच गई है। रुचिवीरा खेमे को बड़ा झटका लगा हैं। रुचिवीर के विरोधी खेमे में खुशी का माहौल है।
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 जिला पंचायत की  राजनीति को लेकर सपा की गुटबंदी सड़कों  पर आ गई थी। सदर विधायक रुचिवीरा अपने पति उदयनवीरा के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का  टिकट मांग रही थी। हाईकमान ने टिकट देने की हामी भर दी थी। हाईकमान ने उदयनवीरा को टिकट न देकर  नगीना के विधायक मनोज पारस की पत्नी नीलम पारस को टिकट दे दिया।
  उदयनवीरा खेमे को  यह बात नागवार गुजरी। इस खेमे ने चुनाव लड़ने का बिगुल बजाकर जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में  लाने का काम शुरू कर दिया।  दूसरे खेमे ने भी सदस्यों को पाले में लाने की कसरत शुरू कर दी। दोनों खेमों में सदस्यों को पाले मे लाने के लिए रस्साकशी शुरू हो गई । दोनों खेमे अपने पाले में 30 से ज्यादा सदस्य होने का दावा कर रहे थे।
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 दो दिन पहले सपा के सभी दिग्गज बिजनौर में डाक बंगले पर जुटे थे।  मंत्री मूलचंद चौहान और जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने बागी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई  को लेकर पार्टी हाईकमान को पत्र लिखने की बात कही थी। एक दो दिन में  बागियों के खिलाफ  कार्रवाई होने का भरोसा दिलाया था। सभी की निगाहें हाईकमान की ओर थी।  
सोमवार को हाईकमान  विधायक रुचिवीरा , पूर्व सांसद यशवीर सिंह , जमील अहमद अंसारी , उदयनवीरा , नगीना के चेयरमैन खलीलुर्रहमान के खिलाफ कार्रवाई  करके जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया  हैं।
 बागी नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव  ने  की है । उनकी ओर से ही कार्रवाई करने का पत्र जारी हुआ है। रुचिवीरा खेमे के खिलाफ कार्रवाई होने से नीलम  पारस  का खेमा गदगद है। इस खेमे में जश्न का माहौल है।
 रुचिवीर के सभी  विरोधी लामबंद हो गए है। नीलम पारस का खेमा चुनाव में अब अपनी जीत पक्की मान रहा हैं। रुचिवीरा खेमे को इस कार्रवाई  से बड़ा झटका लगा हैं। हाईकमान से कार्रवाई होने के बाद भी इस खेमे ने चुनाव लड़ने  से कदम पीछे नहीं खींचे है तथा चुनाव मैदान में  बने रहने का फैसला किया हैं।
विरोधियों की बांछें खिलीं
बिजनौर। सदर विधायक रुचिवीरा को निलंबित करने व बाकी नेताओं को पार्टी से निष्कासित करने से विरोधी बेहद खुश हैं। विरोधियों ने सपा कार्यालय पर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर इस कार्रवाई पर खुशी मनाई।
विरोधी खेमे के नेताओं को जब विधायक के खिलाफ कार्रवाई का पता चला तो उनकी बांछें खिल गईं। सब पार्टी कार्यालय पर एकत्र हो गए और मिठाई खिलाकर खुशी व्यक्त की। खुशी का इजहार करने वालों में जिला प्रवक्ता अहमद खिजर, विजयदीप चौधरी, भूदेव चंदेव, श्लो क पंवार समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पहले  होनी थी  कार्रवाई  
बिजनौर। सपा नेता योगेश शर्मा के मुताबिक सदर विधायक रूचि वीरा के खिलाफ तो निलंबन की कार्रवाई तभी हो जानी चाहिए थी जब खुशनूद खां ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम          सिंह यादव के खिलाफ अपशब्द      कहे थे।
उन्होंने कहा कि तब हाईकमान से माफी मांगकर यह खेमा आ गया था। हाईकमान ने नीलम पारस को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है, तो सबको मिलकर उनका चुनाव लड़ाना चाहिए।    उन्होंने कहा सपा हाईकमान से विधायक रूचि वीरा टिकट मांगती, लेकिन बगावत नहीं करनी चाहिए थी। भाजपा व बसपा नेताओं के साथ मिलकर चुनाव में उतरना रूचि वीरा को ले डूबा।
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