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पुराना बकाया मिला नहीं, नए सत्र का भी मिलों पर होने लगा कर्ज

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पुराना बकाया मिला नहीं, नए सत्र का भी मिलों पर होने लगा कर्ज
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बिजनौर। किसान चीनी मिलों से पिछले साल का गन्ना भुगतान मांग रहे हैं और मिलों ने नए साल का भुगतान भी दबाना शुरू कर दिया है। पुराने रेट के अनुसार ही चीनी मिल अब तक किसानों से लगभग 185 करोड़ से अधिक का गन्ना खरीद चुकी हैं।
जिले की केवल दो चीनी मिलों बुंदकी व बरकातपुर ने ही पिछले साल का भुगतान किया है। बाकी चीनी मिलें किसानों की अब भी बकाएदार हैं। इनमें नजीबाबाद चीनी मिल भी शामिल हैं। कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी अब तक किसानों का शत प्रतिशत भुगतान नहीं हुआ है। अब इस साल का बकाया भी मिलों पर चढ़ना शुरू हो गया है। चीनी मिलों ने 27 नवंबर तक किसानों से 145 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना खरीद लिया है। नियम के अनुसार चीनी मिलों को गन्ना खरीद के 14 दिन बाद भुगतान करना होता है। इस हिसाब से मिलों को 12 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर देना चाहिए था। 12 नवंबर तक चीनी मिल किसानों से 58 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना खरीद चुकी हैं। पिछले साल के मूल्यों में ही लगाएं तो इस गन्ने की कीमत 185 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है।
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चीनी मिल 12 तक खरीद 27 तक खरीद
धामपुर 13.51 31.02
स्योहारा 12.51 27.85
बिलाई 9.06 20.53
बहादरपुर 8.21 17.97
बरकातपुर 3.01 13.94
बुंदकी 8.05 17.54
चांदपुर 1.85 6.97
बिजनौर 1.42 4.83
नजीबाबाद 1.18 5.19
कुल 58.77 145.84
नोट: गन्ना खरीद लाख क्विंटल में है।
दो सालों से नहीं बढ़ा दाम
पिछले तीन साल से गन्ने की अगेती प्रजाति के दाम 325 तथा सामान्य प्रजाति के दाम 315 रुपये प्रति क्विंटल हैं। गन्ने के दामों में पिछले दो सालों से कोई वृद्धि नहीं हुई है। लेकिन इस बार किसानों के आंदोलन से बने दबाव के चलते गन्ना मूल्य बढ़ना तय माना जा रहा है।
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प्रदेश सरकार विफल
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि किसानों का शत प्रतिशत भुगतान ब्याज के साथ होना चाहिए। प्रदेश सरकार किसानों का भुगतान दिलाने में विफल साबित हो रही है।
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