नर्सरी से आठवीं तक की पढ़ाई फिर होगी शुरू
बिजनौर। शासन ने नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं शुरू करने की अनुमति दे दी है। शासन ने सभी शिक्षण संस्थानों में 14 फरवरी से इन कक्षाओं की पढ़ाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिले में इस दिन चुनाव होने के कारण 15 फरवरी से स्कूलों में पढ़ाई शुरू होगी। उधर अभिभावक छोटे बच्चों की पढ़ाई शुरू किए जाने के फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
कोरोना के कारण शिक्षण संस्थाएं लंबे समय से बंद थे। शासन ने कोरोना की स्थिति में सुधार होने पर कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई एक सप्ताह पहले शुरू कर दी थी। अब नर्सरी से आठवीं तक की पढ़ाई 14 फरवरी से शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए विद्यालयों को कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है।
डीआईओएस राजेश कुमार ने शासन के निर्देश का हवाला देते हुए बताया कि सभी विद्यालयों को कोरोना हैल्प डेस्क स्थापित करना अनिवार्य है। पढ़ाई के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन कराना, सैनिटेशन का ध्यान रखना है। निगरानी के लिए जिले से मंडल स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों को सक्रिय किया जा रहा है।
रजतपाल सिंह, रवींद्र कुमार, अंशु रानी, कौशल रानी, कल्पना आदि अभिभावकों का कहना है कि नर्सरी के बच्चे छोटे होते हैं। छोटा बच्चा लगातार मास्क नहीं लगा सकता है। छोटे बच्चों से सोशल डिस्टेंस का पालन करान भी बेहद कठिन कार्य है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। बेहतर होता कि पहले बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराया जाता।
कमला का कहना है कि उनके लिए पढ़ाई से ज्यादा बच्चे का सुरक्षित जीवन चाहिए। पढ़ाई तो फिर भी हो जाएगी। हर्षिका का आरोप है कि छोटे बच्चों की पढ़ाई केवल फीस वसूलने के लिए हो रही है। स्कूलों को केवल फीस वसूलने से मतलब है। अभिभावक संघ के जिलाध्यक्ष नृपेन्द्र देशवाल का कहना है कि छोटे बच्चों की पढ़ाई शुरू करने से पहले शासन-प्रशासन को अभिभावकों की राय जाननी चाहिए थी।