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प्रशासन की मानक पूरा नहीं करने वाले बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर जमकर चली कैंची

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परीक्षा केंद्रों की कम हुई संख्या, शासन से बने 20 केंद्र हटाए
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बिजनौर। प्रशासन के मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों पर जमकर कैंची चली है। इस साल पिछले साल के मुकाबले नौ परीक्षा केंद्र कम रहेंगे। डीएम की अध्यक्षता वाली जिला समिति ने नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए शासन से निर्धारित 20 परीक्षा केंद्र हटा दिए हैं।
शासन ने शिक्षा सत्र शुरू होते ही बोर्ड परीक्षा की तारीखों की घोषणा कर दी थी। हाई स्कूल व इंटर की परीक्षा फरवरी में प्रस्तावित हैं। शासन की मंशा है कि परीक्षा पूरी तरह नकलविहीन हो। इसके लिए परीक्षा केंद्रों को हाईटेक करने समेत 25 प्वाइंट पर विद्यालयवार आख्या मांगी गई थी। जिले में पिछले साल 129 परीक्षा केंद्र थे। शासन ने विद्यालयों द्वारा भेजी आख्या के आधार पर वर्ष 2020 के लिए 130 परीक्षा केंद्रों का एलान कर दिया था।
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हालांकि इस लिस्ट में कई ऐसे विद्यालय भी परीक्षा केंद्र थे, जो शासन के तय मानक पूरा नहीं कर रहे थे। कुछ के पास भवन तक भी नहीं थे। वहीं, कुछ ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया था जो सभी मानक पूरा कर रहे थे तथा पिछले सालों में परीक्षा केंद्र रहे हैं। इसे लेकर 65 विद्यालयों ने आपत्तियां दर्ज कराई।
डीएम रमाकांत पांडेय ने सख्त रुख अपनाते हुए शासन से परीक्षा केंद्र बनाए गए विद्यालयों की तहसीलों के एसडीएम तथा शिक्षा विभाग की टीमों से अलग-अलग जांच कराई। दोनो टीम की रिपोर्ट का मिलान कराया गया। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार इसे लेकर डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीएम ने नकलविहीन परीक्षा के लिए सघन निगरानी पर जोर दिया। शासन से बने आठ वित्तविहीन केंद्रों को मानक पूरा नहीं करने पर काट दिया गया है। अब वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा 122 केंद्रों पर होगी। शासन ने इस साल 28 वित्तविहीन विद्यालयों को नया परीक्षा केंद्र बनाया था। साथ ही शासन के मानक पूरा नहीं करने वावे 20 केंद्र की भी छुट्टी कर दी गई हैं। उनकी जगह ऐसे 12 विद्यालय परीक्षा केंद्र बने हैं जो पिछले सालों में परीक्षा केंद्र थे। परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची शासन को भेज दी गई है। अब सूची में कोई बदलाव नहीं होगा।
शासन से होगी केंद्रों की सीधी निगरानी
डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार इस बार परीक्षा केंद्र पूरी तरह हाइटेक हैं। सभी केंद्रों पर कक्षों में वायस रिकार्डिंग, सीसीटीवी कैमरे लगने के साथ राउटर लगे हैं। राउटर के माध्यम से शासन तथा जिला स्तर से सीधी मानिटरिंग होगी। कंट्रोल रूम में बैठकर किसी भी केंद्र के किसी भी कक्ष की परीक्षा को देखा जा सकता है। बताया कि पिछले साल सात नकलची पकडे़ गए थे। इस बार नकल के मामले शून्य करने का लक्ष्य है। सचल दस्तों की संख्या भी बढे़गी। संकरे रास्तों पर बने परीक्षा केंद्रों को काट दिया गया है।
छात्राओं को मिली अधिक सुविधा
डीएम रमाकांत पांडेय के निर्देश पर परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में छात्राओं को अधिक सुविधा देने पर जोर रहा है। छात्राओं के लिए स्वकेंद्र व्यवस्था है। परंतु जो विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं हैं, वहां की छात्राओं को अधिकतम पांच किमी की दूरी पर परीक्षा देने की सुविधा दी गई है। कुछ विद्यालयों ने छात्राओं को दस-बारह किमी परीक्षा देने जाने की आपत्ति दर्ज कराई थी। अभिभावकों में भी इसको लेकर नाराजगी थी। बताया कि इन स्कूलों के छात्रों को भी आठ दस किमी से ज्यादा दूर नहीं जाना होगा।
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अफजलगढ़ ब्लॉक के सबसे अधिक केंद्र कटे
डीएम की अध्यक्षता वाली समिति ने अफजलगढ़ क्षेत्र के सबसे अधिक चार परीक्षा केंद्र पर कैंची चलाई है। मोहम्मदपुर देवमल, हल्दौर, कोतवाली देहात तथा किरतपुर ब्लाक का एक-एक परीक्षा केंद्र काटा गया है। डीआईओएस के अनुसार आठ परीक्षा केंद्रों ने तय मानक पूरा करने में असमर्थता जताते हुए हटाने की मांग की थी। शासन से परीक्षा केंद्र नहीं बने आर्य वैदिक कन्या इंटर कालेज बिजनौर, शाहपुर रतन, पुरैनी, शहजादपुर, केलनपुर, गल्लाखेड़ी, रायपुर सादात, मेवा नवादा, सीरबासुचंद, मोहम्मदपुर राजौरी तथा रामरुपपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
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