अब लिखित परीक्षा केंद्रों पर ही होगी प्रयोगात्मक परीक्षा
बिजनौर। यूपी बोर्ड ने इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा की अपनी 100 साल पुरानी व्यवस्था बदल दी है। अभी तक प्रयोगात्मक परीक्षा विद्यालयों में होती थी, लेकिन इस बार विद्यार्थी अपने लिखित परीक्षा केंद्रों पर प्रयोगात्मक परीक्षा देंगे। परीक्षा में फर्जीवाड़ा रोकने को परीक्षकों की सूची शासन से आई है। परीक्षकों को आवंटित केंद्रों पर मान्य पहचानपत्र दिखाना होगा।
प्रयोगात्मक परीक्षा का प्रथम चरण 20 अप्रैल से हैं। जिले में परीक्षा दूसरे चरण में 28 अप्रैल से चार मई तक है। यूपी बोर्ड स्थापना के बाद से ही इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा के परीक्षक बोर्ड कार्यालय से नियुक्त होते हैं। एक जिले के परीक्षक दूसरे जिले में जाते हैं। परीक्षा विद्यालयों में होती है। लेकिन बोर्ड ने इस बार अपनी प्रयोगात्मक परीक्षा की व्यवस्था में बदलाव किया है। परीक्षकों की नियुक्ति के नियम भी बदले हैं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षक नियुक्त रहेंगे। जिला कंट्रोल रूम से निगरानी होगी।
जिले में 387 माध्यमिक विद्यालय है। इनमें 131 विद्यालय वर्ष 2022 की परीक्षा में लिखित परीक्षा केंद्र थे। विद्यार्थियों ने वर्ष 2022 की लिखित परीक्षा जिस केंद्र पर दी है वहीं उनकी प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। यदि लिखित परीक्षा केंद्र वाले विद्यालय में प्रयोगात्मक परीक्षा का विषय नहीं है तो परीक्षा दूसरे विद्यालय में होगी। बोर्ड ने फाइनल सूची डीआईओएस को भेजी। प्रयोगात्मक परीक्षा सीसीटीवी कैमरों, वीडियो रिकॉर्डिंग तथा मोबाइल रिकार्डिंग के अंतर्गत होगी। विद्यालयों को परीक्षा की क्लिप सुरक्षित रखनी है। मांगे जाने पर बोर्ड दफ्तर को सौंपेंगे। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा केंद्रों की सूची डीएम समेत आला अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश है।
परीक्षक नियुक्ति में सख्ती
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार अभी तक राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त तथा वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा के परीक्षक बनते हैं, लेकिन अब राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक ही परीक्षक होंगे। परीक्षकों की नियुक्ति क्षेत्रीय कार्यालय से होती है। परंतु अब सारी व्यवस्था ऑनलाइन हो गई है। शासन ने परीक्षकों की नियुक्ति की है। प्रतीक्षा सूची भी शासन ने तैयार की है।
परीक्षक को पहचानपत्र दिखाना होगा
बोर्ड के निर्देशों के अनुसार परीक्षक को आवंटित केंद्रों पर अपना आधार कार्ड, मान्य पहचानपत्र, बोर्ड का परीक्षक नियुक्ति पत्र, दिखाना होगा। इसके बाद ही परीक्षक परीक्षा संपादित कर सकेंगे। साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्य को परीक्षक के पहचानपत्र की छाया प्रति अभिलेखों में सुरक्षित रखनी है।