बिजनौर। जनपद में पोस्टमार्टम को अधिक सटीक और विशेषज्ञतापूर्ण बनाने के लिए शासन ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार, अब मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विशेषज्ञ के निर्देशन में जूनियर डॉक्टर पोस्टमार्टम करेंगे। यह जिम्मेदारी पहले जिला अस्पताल या पीएचसी-सीएचसी के चिकित्सकों पर होती थी।
शासन के इस निर्णय से पोस्टमार्टम रिपोर्ट की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। साथ ही, कानूनी साक्ष्यों की सटीकता भी बढ़ेगी। अब तक जिला अस्पताल के डॉक्टर या मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन आने वाले चिकित्सक रोटेशन पर ड्यूटी करते थे, लेकिन अब यह जिम्मेदारी पूरी तरह मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर फॉरेंसिक मेडिसिन अरिंदम चटर्जी इस प्रक्रिया का निर्देशन करेंगे। सीएमओ डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने आदेश आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ के निर्देशन में जूनियर डॉक्टर पोस्टमार्टम करेंगे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर तुहिन वशिष्ट ने भी आदेश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक पोस्टमार्टम निर्देशों के अनुसार कराया जा चुका है। आगे भी प्रशासन के निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा।
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