बिजनौर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रेडक्रॉस सोसायटी में सदस्यता और आर्थिक सहयोग कर विरोध जताया। इसको लेकर रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारी बोले, आईएमए का एक भी सदस्य रेडक्रॉस में संस्थागत सदस्य के रूप में पंजीकृत नहीं है। साथ ही बैठक में उन्होंनेे आईएमए के चंदा देने के विरोध पर भी खेद व्यक्त किया।
आईएमए ने बैठक कर रेडक्रॉस में सदस्यता की स्वैच्छिकता, अनिवार्य आर्थिक सहयोग का विरोध करते हुए अपने सदस्यों के अधिकारों और समाज की रक्षा उठाने के निर्देश दिए। सोसायटी के चेयरमैन टीकम सिंह सेंगर ने कहा कि आईएमए का एक भी सदस्य संस्थागत सदस्य के रूप में पंजीकृत नहीं है जबकि, जिलेभर में करीब 400 संस्थान चिकित्सा के क्षेत्र में पंजीकृत है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सभापति ने स्वेच्छा से संस्थागत सदस्य बनाए जाने की बात कही है, जिसका एक निर्धारित प्रारूप है। इससे भरने के बाद ही प्रत्येक संस्थान अपनी सदस्यता प्राप्त कर सकता है। स्वास्थ्य मंत्री का दबाव बनाने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन, खेद का विषय है कि आईएमए इसके गलत प्रचार में जुट गया है। इसके अलावा उन्होंने समिति की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने की दृष्टि से प्रयास किए जाने पर जोर दिया।
इसके लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सा संस्थानों, उद्योग, शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ जन सेवा के क्षेत्र में काम कर रहे विभिन्न संगठनों को इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी का संस्थागत सदस्य बनाए जाने का सुझाव दिया। बैठक की अध्यक्षता समिति चेयरमैन टीकम सिंह सेंगर एवं संचालन मीडिया प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह योगी ने किया।