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सुरक्षा विभाग के 18 पदों पर तैनाती नहीं

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सुरक्षा विभाग के 18 पदों पर तैनाती नहीं
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कालागढ़। कालागढ़ स्थित रामगंगा बांध परियोजना के सुरक्षा अधिकारी कार्यालय के 18 पदों पर अधिकारियों व कर्मियों की तैनाती न होने से बांध परियोजना की सुरक्षा रामभरोसे चल रही है। सुरक्षा व्यवस्था को सिंचाई विभाग किसी तरह से संभाल रहा है।
रामगंगा बांध परियोजना भारत की एक बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है। कालागढ़ में बीहड़ वनों के बीच बनी इस परियोजना से जहां उत्तर प्रदेश को सिंचाई के लिए जल मिलता है। वहीं, नेशनल ग्रिड को रामगंगा पावर हाउस से 198 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता का पावर हाउस दिया। रामगंगा बांध, रामगंगा पावर जलविद्युत गृह, सैंडिल बांध व रामगंगा बांध परियोजना कॉलोनी की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस की है। जिसके लिए अभिसूचना विभाग की ओर से यहां पुलिस उपाधीक्षक, तीन एएसआईओ, तीन मुख्य आरक्षी, नौ आरक्षी, एक एएसआईएम एवं एक ओपी की तैनाती की गई।
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25 जून 2015 से रामगंगा बांध परियोजना से अभिसूचना विभाग ने सिंचाई विभाग को बिना किसी सूचना के दिए यहां से सभी अधिकारियों को हटा लिया। छह साल से सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग से सुरक्षा के लिए पत्रव्यवहार कर रहा है। परियोजना के समस्त बांधों, पावर हाउस की सुरक्षा विभाग के कर्मचारी ही कर रहे हैं। यहां उत्तराखंड राज्य का पुलिस थाना बांध परियोजना व कालोनियों में गश्त कर विभाग को सहयोग कर रहा है।
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लगातार जारी है विभागीय पत्रव्यवहार
रामगंगा बांध परियोजना के सुरक्षा विभाग के सहायक अभियंता रोहित कुमार ढाका ने बताया कि लखनऊ के अभिसूचना विभाग के पुलिस महानिरीक्षक व विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखकर यहां रिक्त पदों पर तैनाती की मांग की जा रही है। छह वर्ष से यहां खाली 18 पदों पर एक भी तैनाती नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से बांध पर बाहर से आने वालों को भ्रमण की अनुमति नहीं दी जा सकती है और हमेशा सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है। कालागढ़ के उत्तराखंड के पुलिस अधिकारी सहयोग करते हैं। औद्योगिक सुरक्षा बलों की नियुक्ति की मांग भी विभाग ने की है।
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