कार्डियोलॉजिस्ट है नहीं, मुरादाबाद भेजने पड़ रहे मरीज
बिजनौर। जिला प्रशासन ने मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण केंद्र स्वाहेड़ी को कोविड केयर सेंटर तो बना दिया, लेकिन जिले के एक भी सरकारी अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट न होने से सिंप्ट्रोमेटिक मरीजों को मुरादाबाद स्थित मंडलीय कोविड हॉस्पिटल में ही भेजना पड़ रहा है।
देश में कोरोना महामारी का जोर चल रहा है। सीएमओ विजय कुमार यादव के अनुसार कोरोना पॉजिटिव मरीज दो प्रकार के सामने आ रहे हैं। इनमें लक्षणयुक्त यानी सिंप्ट्रोमेटिक और लक्षणविहीन अर्थात एसिंप्ट्रोमेटिक मरीज शामिल हैं। सिंप्ट्रोमेटिक मरीजों को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होती है। कोरोना के अलावा भी ऐसे मरीजों को कोई अन्य बीमारी होती है, जबकि एसिंप्ट्रोमेटिक रोगियों में केवल कोरोना के ही लक्षण पाए जाते हैं। लगभग चार से पांच दिनों में ऐसे मरीजों की रिकवरी शुरू हो जाती है और लगभग एक सप्ताह में पूरी तरह से ठीक होने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि फेफड़ों के साथ साथ इसका संक्रमण दिल पर भी होने लगता है। उन्हें जिले में कवर करना मुश्किल काम है, क्योंकि यहां पर कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है, इसलिए मरीजों को तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी स्थित कोविड केयर हॉस्पिटल अथवा मेडिकल कॉलेज मेरठ ही भेजना पड़ता है। जिले में कार्डियोलॉजिस्ट भिजवाने के लिए डिमांड शासन से की गई है।