सकारात्मक विचार, प्राणायाम बना कोरोना के खिलाफ हथियार
अफजलगढ़। नगर व्यापार मंडल के 33 वर्षीय नगर अध्यक्ष नीरव रस्तोगी पिछले वर्ष कोरोना संक्रमित हो गए थे। संक्रमित होने के बाद भी उन्होंने अपना हौसला बरकरार रखा और हिम्मत नहीं हारी। कोरोना से जंग जीतकर घर लौटे। संकट के समय जरूरतमंदों की भी मदद करने से भी पीछे नहीं रहे।
नीरव रस्तोगी ने बताया कि उन्हें ड्यू व सैंट लगाने की आदत थी। पिछले साल उन्होंने ड्यू का प्रयोग किया किंतु उन्हें किसी भी प्रकार गंध महसूस नहीं हुई। उनकी सूंघने की शक्ति क्षीण हो गई। कोरोना की आशंका के चलते वह पीएचसी पहुंचे। किसी कारण वहां उनकी टेंस्टिंग नहीं हो पाई। पास के ही एक गांव में कोरोना की जांच के लिए लगे कैंप में पहुंच कर कोरोना की जांच कराई और घर पर आइसोलेट हो गए। दो दिन के भीतर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस पर थोड़ा परेशान हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें उपचार के लिए एल वन सेंटर भेज दिया।
वह बताते हैं कि एल वन सेंटर पहुंच कर उन्होंने सुबह शाम खुद को ध्यान में लगाया और निरंतर प्राणायाम किया। उन्होंने मोबाइल पर पॉजिटिव विचार व गाने सुनकर अपना समय व्यतीत किया और अपने आप को व्यस्त रखा। इस दौरान अकेले में उन्हें विचार आया कि मेरे पीछे परिवार का क्या होगा। इस पर उन्हें परेशानी महसूस हुई और सांसें भारी होने लगीं। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मन में सकारात्मक विचार रखे। इसी हिम्मत और सकारात्मक विचारों के साथ कोरोना की जंग जीती और परिवार में लौटे। नीरव रस्तोगी ने लॉकडाउन के समय में भी आगे आकर जरूरतमंद लोगों की मदद की।
नीरव रस्तोगी कहते हैं कि कोरोना पॉजिटिव होने पर बिल्कुल न घबराएं और टेंशन बिल्कुल न लें। सकारात्मक विचार मन में रखे। अपने और अपने परिवार के लिए सावधानी बरतें। गर्म पानी का प्रयोग करें, गर्म पानी के गरारे व भाप लें। नींबू का प्रयोग भी कर सकते हैं। रात को दूध में हल्दी डालकर पीएं। आवश्यक न हो तो घर से बाहर न निकलें, भीड़ का हिस्सा न बनें। मास्क का प्रयोग तथा सोशल डिस्टेंस का पालन अवश्य करें। ऐसा करके कोई भी कोरोना को हरा सकता है।