स्योहारा में थाना क्षेत्र के गांव भगवानपुर रैनी में शनिवार की दोपहर तीन बजे अचानक लग गई। आग की चपेट में आने से नौ लोगों के मकान जल गए। आग से लाखों का नुकसान हुआ है। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामवासियों ने आग पर काबू पाया है। रामकुमार सैनी के मकान के पीछे ईंधन पड़ा हुआ था। इस ईंधन में सबसे पहले आग पकड़ी। उसके बाद आग की चिंगारियां पड़ोसी महेंद्र सिंह सैनी, नासिर, मंगू, रोहताश, विजयपाल सैनी , रोहिताश सैनी, हरपाल सिंह, शाहिर अहमद , शीशपाल, सतेंद्र कुमार , जीतमल, राशिद , जाबिर , जीतमल आदि के मकान पर जा पहुंची और इन मकानों में भी आग लग गई। इन सभी के मकानों पर ईधन और उपले आदि रखे हुए थे। तेज हवा के कारण आग ने तेजी पकड़ ली। आग के लगने का पता इन लोगों ने देर से लगा। क्योंकि अधिकांश लोग खेत पर काम करने गए हुए थे। आग की सूचना अग्नि शमन विभाग को भी दी गई।
आग बुझाने में अधिकांश महिलाओं ने अपना योगदान दिया। इस मौके पर अनिल विश्नोई, अतुल कुमार, बंटी, प्रदीप कुमार, सतेंद्र, छतरा सिंह, राजू सैनी, मुन्ने, छोटे, चंद्रपाल सिह, बंशी, सरजीत सिह, शेर सिंह, मंगू सिह आदि ने प्रयास कर आग बुझाई। आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने रेत, पानी और मिट्टी को आग पर फेंका। लगभग एक घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।
आग बुझाने के लगभग आधा घंटे बाद फायर ब्रिगेड नगीना से ग्राम में पहुंची। इस बीच ग्रामीणों का अनाज, घरेलू सामान, कपडे़, चारपाई, इंजन, साइकिल, आदि सब कुछ जल कर राख हो चुके थे। आग से शाकिर और महेंद्र सैनी का लिंटर भी आग से फट गया। आग की सूचना पर धामपुर तहसील से राजस्व विभाग के कानूनगो विजेंद्र सिह और लेखपाल गजेंद्र सिह मौके पर पहुंचे।
आग से पशुओं को बचाने में दो झुलसे
नूरपुर में ग्राम गोहावर जैत निवासी मजदूर तसलीम का इंदिरा आवास योजना के तहत मकान निर्माणाधीन है। इसके कारण वह सामने पड़ी खाली भूमि पर छप्पर डालकर रह रहा है। वहीं पर उसके पशु बंधे रहते है। रविवार को उसके परिवार में शादी है। शुक्रवार को वह अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ बाहर गया हुआ था। देर शाम अचानक उसका छप्पर धू धूकर जलने लगा। आग लपटें देखकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। दो युवकों शाहरून एवं बिलाल ने आग के भीतर घुसकर पशुओं को बाहर निकाला। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, तब तक छप्पर में बंधे तीनों पशु गंभीर रूप से झुलस चुके थे । घर का सामान राख का ढेर बन चुका था। आग बुझाने में शाहरून एवं बिलाल भी झुलस गए। जले हुए पशुओं एवं युवकों का निजी चिकित्सकों से उपचार कराया जा रहा है।