बिजनौर में एनआईए के डीएसपी तंजील हत्याकांड के खुलासे के लिए बिजनौर पहुंचे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जावीद अहमद हत्याकांड में खुलासा किए बिना लौट गए। डीजीपी हत्याकांड का खुलासा करने के लिए ही शुक्रवार को बिजनौर पहूुंचे थे और प्रेस कांफ्रेस में इस हत्याकांड का खुलासा करने वाले थे। स्थानीय लोगों ने जल्दबाजी के खुलासे का विरोध किया था और किसी भी खुलासे से पहले साक्ष्यों की बात कही थी। वापसी से पूर्व डीजीपी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि तंजील हत्याकांड का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विवेचना चल रही है। हत्याकांड के खुलासे के लिए कोई समयसीमा भी तय नहीं की जा सकती। दो दिन पहले एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत चौधरी ने दावा किया था कि पुलिस को मजबूत साक्ष्य मिल चुके हैं और एक दो दिन में हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
माना जा रहा है कि मुख्य हत्यारोपी मुनीर का हाथ नहीं आना भी खुलासा न करने का कारण बना। मुनीर की गिरफ्तारी के लिए डीजीपी ने इनाम की रकम पांच हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दी गई है। डीजीपी जावीद अहमद ने कहा कि तंजील अहमद के मर्डर की तह तक जाने के लिए यूपी पुलिस के साथ एटीएस, एसटीएफ तथा एनआईए की टीम लगी हुई है। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं की गई है। करीब एक सौ लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। हत्याकांड के हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस की कई टीम दिल्ली, मुरादाबाद, अलीगढ़ समेत कई जिलों में काम कर रही है। कुछ ऐसे लोग जरूर मिले हैं, जो मर्डर की पूरी सूचना रखते हैं। एनआईए के साथ पुलिस पूरी तालमेल के साथ काम कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई की जल्द ही केस का खुलासा होगा। जल्दबाजी में कोई ऐसा काम नहीं किया जाएगा, जिससे मर्डर की सच्चाई सामने न आ पाए। इस हत्याकांड में मुनीर के शामिल होने केबारे में पूछे गए सवाल को डीजीपी टाल गए। तंजील मर्डर में आतंकी हाथ होने के बारे में बस इतना कहा कि हर पहलू की गहराई से जांच हो रही है। इससे पहले डीजीपी ने तंजील अहमद के परिवार से मुलाकात की थी। हत्याकांड को लेकर उन्होंने पुलिस अफसरों के साथ करीब एक घंटा मीटिंग भी की। इसके बाद वह बिजनौर से मुरादाबाद के लिए सड़क मार्ग से रवाना हो गए थे। इस मौके पर आईजी बरेली जोन विजय सिंह मीणा, डीआईजी मुरादाबाद ओंकार सिंह, एसटीएफ के आईजी असीम अरुण, एनआईए के आईजी एसके सिंह, एसपी सुभाष सिंह बघेल आदि अधिकारी मौजूद थे।
एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने लखनऊ में बताया कि मुनीर की गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम था, जिसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। तंजील की हत्या के आरोप में तंजील के नजदीकी दो रिश्तेदारों के अलावा अभी तक आधा दर्जन से अधिक को हिरासत में लिया जा चुका है। जांच टीमों की पूछताछ के दौरान रेहान से तंजील के कत्ल के बारे में काफी जानकारी हासिल हो चुकी है। उससे मिली जानकारी के बाद ही मुनीर की तलाश तेज हुई है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार की रात तंजील के जीजा जखावत को भी दिल्ली से उठा लिया गया था। हालांकि इनमें से किसी की भी औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि औपचारिक लिखा-पढ़ी इसलिए नहीं की जा रही है ताकि मुनीर को गिरफ्तार कर उसके पास से हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामद कर लिया जाए। बरामद असलहे की फोरेंसिक जांच और हत्या में इसके इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद केस का औपचारिक खुलासा किया जाना है।
एनआईए को पुलिस की थ्योरी पर भरोसा नहीं
बिजनौर में एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद के मर्डर के खुलासे से पहले एनआईए की टीम के सबूत मांगने से पुलिस महकमे के सामने विषम स्थितियां पैदा हो गई। एनआईए की टीम और तंजील के परिजनों को पुलिस की थ्योरी पर विश्वास नहीं है। यही वजह है कि पुलिस को मर्डर के खुलासे से पांव पीछे खींचने पड़े। अभी तक हत्याकांड का माना जा रहा मुख्य आरोपी मुनीर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है।
एनआईए के अफसरों को पुलिस की थ्योरी गले नहीं उतर रही। अफसर भी चाहते हैं कि मर्डर की असलियत सामने आए। मर्डर के सबूतों के बिना सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी। एनआईए और यूपी पुलिस के बीच तालमेल नहीं हो पाने के कारण इस मामले में डीजीपी को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस प्रकरण को लेकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री के सख्ती के कारण ही डीजीपी जावीद अहमद को खुद बिजनौर आना पड़ा। डीजीपी ने आते ही तस्वीर साफ की और कहा कि अभी मर्डर का खुलासा नहीं हुआ है।
एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद के मर्डर में एनआईए के साथ यूपी पुलिस जांच में लगी हुई है। इस हत्याकांड में सहसपुर के हिस्ट्रीशीटर मुनीर अहमद का नाम सामने आ रहा है। पुलिस ने सहसपुर के रययान व जैनी नाम के दो युवकों को हिरासत में ले रखा है। रययान और जैनी ने पुलिस को तंजील मर्डर की सारी कहानी बता दी है। ये भी बता दिया है कि मर्डर मुनीर ने किया था। मुनीर के रययान और जैनी से गहरी दोस्ती है। रययान व जैनी ने जिले की पुलिस को बताया था कि दिल्ली में प्रॉपर्टी के विवाद और निजी दुश्मनी केे कारण तंजील अहमद का मर्डर किया गया। पुलिस भी मुनीर की तलाश में चार प्रदेशों में दबिशें डाली। इसके बावजूद मुनीर हाथ नहीं आया। पुलिस तंजील मर्डर के खुलासे की पूरी तैयारी कर बैठी थी। एनआईए के अफसरों की पुलिस की थ्योरी पर पूरी तरह विश्वास नहीं होने के कारण ही हत्याकांड का शुक्रवार को खुलासा नहीं हो सका।
बंद कमरे में परिजनों से गुफ्तगू
बिजनौर में डीजीपी जावीद अहमद पुलिस लाइन के सभाकक्ष में आला अफसरों के साथ तंजील हत्याकांड पर अभी तक के विवेचना के संबंध में विचार-विमर्श किया। उन्होंने महकमे के अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस मामले में हर हाल में सच्चाई सामने आनी चाहिए। किसी निर्दोष का उत्पीड़न सहन नहीं होगा
शुक्रवार को डीजीपी जावीद अहमद सुबह 11.20 पर पुलिस लाइन पहुंचे। सीधे वह पुलिस लाइन के सभाकक्ष में पहुंचकर अन्य अफसरों के साथ केस के संबंध में मंत्रणा की। इसके बाद अधिकारियों के साथ ही तंजील अहमद के चचेरे भाई हसीब अहमद और उनके साथ आए चार पांच व्यक्तियों से बातचीत कर घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली। अंदर क्या बात हुई, यह किसी को पता नहीं चला। एक घंटे से ज्यादा तंजील के परिजनों से पूरी तसल्ली के साथ बातचीत की।
हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भड़का आक्रोश
नूरपुर में एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद हत्याकांड के शीघ्र खुलासे की मांग को लेकर सहसपुर के लोगों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। उलेमा के आह्वान पर व्यापारियों ने विरोध स्वरूप बाजार बंद रखा। प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए मुरादाबाद मार्ग पर जाम भी लगाया, लेकिन जामा मस्जिद के इमाम सलीम अहमद और लोगों के समझाने पर जाम खोल दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद तंजील अहमद की हत्या के विरोध में उनके पैतृक नगर सहसपुर में उलेमा केआह्वान पर बाजार बंद का व्यापक असर रहा। जामा मस्जिद से नमाजियों का एक बड़ा जत्था हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर कस्बे की लगभग सभी मार्गों से पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए निकले। मौके पर पहुंचे एसडीएम धामपुर सतेंद्र कुमार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में निर्दोष युवकों का पुलिस द्वारा उत्पीड़न नहीं करने और हत्या की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की गई। इस दौरान अनवारुल हक, सहसपुर के शहर इमाम मौलाना सलीम अहमद, जहीन अख्तर, अमजद अली, मनव्वर, रहमान, शकील अहमद, मुजीब, मंजर हुसैन, सरफराज, यूसुफ आदि मौजूद रहे। ज्ञापन देने के बाद लोगों ने डीजीपी जावीद अहमद के घटनास्थल का निरीक्षण नहीं करने पर नाराजगी जताई। इस दौरान लोगों ने मुरादाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर सहसपुर के शहर इमाम मौलाना सलीम अहमद और कस्बे के कुछ अन्य लोगों ने भीड़ को समझाकर जाम खुलवाया। मौके पर पहुंचे एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा, एएसपी डॉ. धर्मवीर सिंह भी पहुंच गए।
मुनीर के पकड़े जाने पर ही खुलेगा राज
बिजनौर में तंजील अहमद के मर्डर का सारा राज मुनीर अहमद के पक़ड़े जाने पर ही खुलेगा। यूपी की पुलिस मुनीर की तलाश में ताबड़तोड़ दबिशें डाल रही है। मुनीर अहमद 25 साल की उम्र में ही अपराध जगत के सार हुनर सीख लिए । मुनीर अपनी लोकेशन किसी को नहीं देता। मोबाइल भी अपने पास नहीं रखता है। किसी घटना को अंजाम देने के दौरान मुनीर दोस्तों की मदद लेता है। इसके बदले दोस्तों की आर्थिक मदद भी करता है। मुनीर ने दिल्ली के साथ आजमगढ़, अलीगढ़, बिहार और अन्य स्थानों पर अपने ठिकाने बना रखा है। यहां के युवकों के साथ मुनीर अलीगढ़ में रहने के साथ से जुड़ा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुनीर का नाइन एम एम के पिस्टल से मर्डर करने कर शौक है। पुलिस को अब तंजील अहमद के मर्डर में मुनीर की तलाश है । मुनीर के पकड़े जाने के बिना पुलिस की मर्डर के खुलासे की कहानी आगे नहीं बढ़ सकती है। मुनीर को पकड़ना पुलिस के लिए एक चुनौती है। मुनीर पर अलीगढ़ पुलिस ने पांच हजार का इनाम घोषित कर रखा है।