बिजनौर। मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू और बुखार रोगियों के लिए अलग से ओपीडी और पंजीकरण काउंटर बनाया गया है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में सिर्फ इंटर्न डॉक्टर बैठे नजर आए। वहां कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिला।
जिले के छह लोगों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हो चुकी है। छह दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बैठक लेकर स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूकता और बचाव की तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए थे। मेडिकल कॉलेज में महिला एवं पुरुष के वार्ड तो अलग-अलग बना दिए थे। इसके अलावा कोई खास व्यवस्था नजर नहीं आई। अब छह दिन बाद शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू, बुखार के मरीजों के लिए अलग पंजीकरण काउंटर बनाया गया। साथ ही कमरा नंबर 113 में अलग ओपीडी भी बनाई। लेकिन यहां कोई विशेषज्ञ डॉक्टर बैठाने के बजाय इंटर्न डॉ. जैद, डॉ. शोएब बैठे दिखाई दिए। साथ ही इंटर्न डॉक्टर विकास की ड्यूटी लगाने की बात कही गई।
मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर टेस्ट की 200 किट होने का दावा
भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी संस्थानों में स्वाइन फ्लू की निशुल्क जांच करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन बिजनौर मेडिकल कॉलेज में यह आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि आरटीपीसीआर जांच की 200 किट उपलब्ध हैं। श्रेणी सी के स्वाइन फ्लू मरीजों की ही जांच होगी।
इन लोगों को स्वाइन फ्लू होने का अधिक खतरा
-छोटे बच्चे जो पहले से किसी बीमारी से ग्रसित हों
-65 वर्ष या उससे अधिक आयु व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं
-अस्थमा, सांस की पुरानी बीमारी, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, किडनी या लिवर सहित अन्य गंभीर होने पर
-रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर वाले व्यक्ति में स्वाइन फ्लू का अधिक खतरा
स्वाइन फ्लू के ये हैं लक्षण
-तेज बुखार और ठंड लगना
-सूखी खांसी और गले में खराश होना
-शरीर और मांसपेशियों में दर्द होना
-अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना
-सिरदर्द और नाक बहना
-नाखूनों का नीला पड़ना
स्वाइन फ्लू से ऐसे करें बचाव
-साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं
-भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करें
-खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें
-लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें
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मेडिकल कॉलेज प्राचार्या से आरटीपीसीआर जांच को लेकर वार्ता हुई है। जांच शुरू करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। एक से दो दिन में जांच शुरू हो जाएगी। ....डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
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स्वाइन फ्लू और बुखार के मरीजों के लिए अलग पंजीकरण काउंटर और ओपीडी की व्यवस्था की गई है। स्वाइन फ्लू को लेकर पूरी तैयारी है। ओपीडी में रूट चार्ट के हिसाब से विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई जाएगी। आरटीपीसीआर जांच के लिए फिलहाल 200 किट हैं, संदिग्ध मरीज आने पर जांच करेंगे। ....डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर