जलालाबाद/मंडावली। जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने गोद लिए गांवों का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के पोषाहार वितरण में कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि पोषाहार वितरण में धांधली मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
शनिवार दोपहर डीएम बी चंद्रकला गोद लिए बौरेकी गांव पहुंचीं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण की व्यवस्था देखी। उन्होंने महिलाओं को स्वयं साफ सुथरा रहने और बच्चों की उचित देखभाल करने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि जनपद बिजनौर में गोद लिए गांवों के अतिरिक्त कोतवाली ब्लॉक को 13 दिन के फीडिंग ट्रायल पर रखा गया है। इस अवधि में गर्भवती महिलाओं को दोपहर का भोजन आंगनबाड़ी केंद्र पर मिलेगा।
ग्राम प्रधान अनीता शर्मा ने गांव बौरेकी को खुले में शौच मुक्त होने की डीएम को जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने राशन वितरण, सड़क, बिजली, पानी आदि से जुड़ी समस्याएं डीएम के समक्ष रखीं। डीएम ने 10 दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार कराने के सीडीओ को निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एडीएम राममूर्ति मिश्रा, सीडीओ डॉ.इंद्रमणि त्रिपाठी, एसडीएम सहदेव मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव, बीडीओ एके उपाध्याय, सीडीपीओ सोहनवीर, प्रधान पति सुनील शर्मा आदि उपस्थित रहे।उधर, मंडावली क्षेत्र के गांव हसनपुर पहुंचीं डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं की भोजन वितरण व्यवस्था का शुभारंभ किया। डीएम ने स्वयं खाना परोसा, साथ ही खाने की गुणवत्ता परखी।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री कुसुमलता ने बताया कि उनके केंद्र पर 22 व ऊषा रानी ने बताया कि उनके केंद्र पर 11 गर्भवती महिलाएं हैं। ग्राम प्रधान मोहित कुमार की उपस्थिति में ग्रामीणों ने राशन वितरण में धांधली की शिकायत डीएम से की। इस पर डीएम ने राशन डीलर की क्लास ली।