बिजनौर में अमर उजाला के अभियान हिंदी हैं हम के तहत आयोजित वेबिनार में भाग लेते गणमान्य।
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छात्रों में साहित्यिक रुचि जगाने की जरूरत
बिजनौर। अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ के अंतर्गत आयोजित वेबिनार में वक्ताओं ने हिंदी की पाठ्य पुस्तकें बढ़ाने तथा छात्रों में साहित्यिक रुचि जगाने की जरूरत पर जोर दिया।
वेबिनार में जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार अमन कुमार त्यागी ने कहा कि हिंदी अभी भी रोजगार परक भाषा नहीं बन पाई है। हिंदी को रोजगार परक भाषा बनाने पर बल देना चाहिए।
वास्तु विशेषज्ञ योगेंद्र पाल सिंह योगी ने कहा कि हिंदी विषय को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। हिंदी गर्व की भाषा है और हिंदी बोलने में गर्व करना चाहिए।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं लेखिका रश्मि अग्रवाल ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी बोलने पर दंड दिया जाता है। यह एक बेहद गलत प्रवृत्ति है। मातृभाषा को बोलने पर दंड देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। स्वामी सच्चिदानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खारी के सदस्य एवं सह विभाग कार्यवाहक आर एसएस प्रशांत महर्षि ने कहा कि नई शिक्षा नीति से हिंदी का प्रभाव पूरे देश में बढ़ेगा। दयानंद इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाध्यापक सुबोध चंद्र शर्मा ने कहा कि हिंदी के प्रसार में अध्ययन और अध्यापन दोनों की आवश्यकता है। हिंदी शिक्षिका ममता चौधरी ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी का ज्ञान कम रह जाता है। सरकार को व्यवस्था करके आधे विषय की हिंदी में पाठ्य पुस्तक उपलब्ध करानी चाहिए।