एनडीआरएफ की टीम ने 10 लोगों को बचाया
बिजनौर/ मंडावर। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश से गंगा का जल स्तर बढ़ने से तटीय गांव के लोगों की रात भर सांसें अटकी रहीं। लोगों ने पूरी रात जागकर गुजारी। गंगा के पार फंसे दस लोगों को एनडीआरएफ व पुलिस की टीम ने मोटर वोट से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रविवार दोपहर तक गंगा में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी बहने लगा। शाम को चार बजे जल स्तर घटना शुरू हुआ। अब गंगा में तीन लाख 86 हजार क्यूसके पानी चल रहा है।
शनिवार सुबह हरिद्वार से पानी छोड़ने के बाद गंगा उफान पर आ गई। तटीय गांव के लोगों की प्लेज व अन्य फसलें बर्बाद हो गईं। प्रशासन ने तटीय गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान गंगा पार गए लोग बीच में ही फंस गए। प्रशासन इन लोगों को निकालने की मशक्कत में जुटा रहा। इन लोगों को निकालने के लिए गढ़मुक्तेश्वर, मुरादाबाद, शुकतीर्थ से मोटर बोट मंगाई गईं। एनडीआरएफ व पीएसी की टीम को बुलाया गया। शनिवार रात गंगा का पानी घटने की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन रात में पानी चार लाख क्यूसेक तक पहुंच गया और गंगा खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी। गंगा में पानी बढ़कर साढ़े चार लाख क्यूसेक हो गया। रविवार शाम चार बजे से गंगा का जल स्तर घटने लगा। मध्य गंगा बैराज के जेई पीयूष कुमार के मुताबिक गंगा का जल स्तर घटने लगा है। गंगा में शाम के समय तीन लाख 86 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।
मंडावर क्षेत्र के गांव सीमली खुर्द निवासी मुकेश कुमार पुत्र रामपाल , शीशपाल, नथवा सिंह, कमलदास, राकेश, देवेंद्र, मुकेश पुत्र चंद्रपाल, धीर सिंह उर्फ धीरी गांव मिर्जापुर निवासी संतराम उसकी पत्नी बेबी शुक्रवार को गंगा पर गन्ने की फसल की रखवाली करने गए थे। कमलदास के मुताबिक गंगा में पानी बढ़ने से ये सभी खेेतों पर ही रुक गए। गंगा के उफान पर आने से यह लोग खेतों पर बनी मचान पर चारपाई डालकर बैठे रहे। मोबाइल फोन से अपने परिजनों से बात करते रहे। दस किसान तीन जगह खेतों पर बैठे थे। रविवार की सुबह परिजनो को इस बारे में बताया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। एनडीआरएफ की टीम मोटर बोट लेकर गंगा पार गई। एक बार तीन व दूसरी बार सात किसानों को गंगा पार से लेकर सुरक्षित निकाला गया।
मंडावर के गांव सिमली में गंगा में फंसे ग्रामीणों को मोटर वोट से बचाकर लाते पीएएसी के जवान।- फोटो : BIJNOR
मंडावर के गांव सिमली में गंगा में फंसे ग्रामीणों को मोटर वोट से बचाकर लाते पीएएसी के जवान।- फोटो : BIJNOR