पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फाइल फोटो
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आज की चुनावी जनसभाओं में भीड़ खूब शोर-शराबा करती है, मंच के नेता भी इसे अनदेखा कर देते हैं लेकिन, बिजनौर के नजीबाबाद में चौधरी साहब की सभा का एक किस्सा इससे जुदा है। दरअसल, साल 1968 में चौधरी चरण सिंह नजीबाबाद आए थे। भाषण के वक्त गुस्सा आया तो अचानक चुप हो गए। बीड़ी पीते हुए बातचीत कर रहे एक व्यक्ति के खदेड़ दिए जाने के बाद ही भाषण फिर शुरू किया था।
साल 1968 के मई जून के महीने में चौधरी चरण सिंह नजीबाबाद आए थे। नजीबाबाद में एमडीकेवी के पास उनकी जनसभा हुई। मंच पर साहनपुर स्टेट के राजा देवेंद्र सिंह, पूर्व विधायक रामपाल सिंह और आरएनकेला इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रहे आचार्य आरएनकेला मौजूद थे। मंच के नाम पर सिर्फ एक तख्त था। कामरेड राम पाल सिंह बताते हैं कि उस वक्त चौधरी चरण सिंह की कांग्रेस से बिगड़ चुकी थी।
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कांग्रेस के खिलाफ पूरे प्रदेश में माहौल बनाने के लिए नजीबाबाद आए थे। वहीं कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रहे नौबहार सिंह बताते हैं कि वे कक्षा आठ में पढ़ते थे। चौधरी चरण सिंह के आने की खबर मिली तो वे भी गांव वालों के साथ सभा में पहुंचे। गांव धनसीनी से पांच बैलगाड़ी पर बैठकर लोग चौधरी साहब को सुनने आए थे।
नौबहार सिंह बताते हैं कि संबोधित करते हुए अचानक चौधरी साहब चुप हो गए। कुछ ही देर में मालूम हुआ कि एक व्यक्ति भीड़ में बैठा हुआ बीड़ी पी रहा है। साथ ही आस पास के लोगों से बातचीत कर रहा था।
चौधरी साहब ने देखा ही था कि वह उठकर भागने लगा। भीड़ पीछे दौड़ी तो चौधरी साहब ने कहा रुक जाओ, उसे जाने दो। नौबहार सिंह बताते हैं कि चौधरी साहब अनुशासन प्रिय थे। इसी जनसभा के बाद चौधरी देवेंद्र सिंह बीकेडी से विधायक बने।