आसपा ने उलझा दिए सभी पार्टियों के समीकरण
2024 के चुनाव में जहां भाजपा-सपा- बसपा के प्रत्याशी अलग-अलग चुनावी मैदान में लड़े तो आजाद समाज पार्टी ने पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर सभी के समीकरण गड़बड़ा दिए हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बार के चुनाव में सभी दलों के कोर वोट बैंक में जमकर सेंधमारी हुई है।
एक तरफ जहां आजाद समाज पार्टी के नेता सपा व बसपा के मूल वोट बैंक में सेंधमारी करने के दावे के साथ अपनी जीत का दावा कर रहे है, वहीं सपा-इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी मनोज कुमार अपने मुस्लिम मूल वोटों की एकजुटता व बसपा के मूल वोट बैंक में सेंधमारी के सहारे जीत निश्चित बता रहे हैं। उधर, भाजपा प्रत्याशी सपा और बसपा के कोर वोट बैंक में जमकर बिखराव होने का दावा करते हुए अपनी जीत का दंभ भर रहे हैं।
इस बार मतदान प्रतिशत रहा कम
नगीना लोकसभा चुनाव में इस बार पिछले दो चुनाव के मुकाबले मतदान प्रतिशत कम रहना भी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को चिंता में डाल रहा है। 2014 के चुनाव में नगीना के मतदाताओं ने 63.27 प्रतिशत मतदान किया तो 2019 में यह बढ़कर 63.53 प्रतिशत हो गया था। इस बार 2024 के चुनाव में मतदान प्रतिशत मात्र 59.54 प्रतिशत रहा। यह पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले 3.99 प्रतिशत कम रहा।
नगीना लोकसभा सीट पर जातिगत मतदाताओं की स्थिति
मुस्लिम- लगभग 41 प्रतिशत
दलित - लगभग 23 प्रतिशत
चौहान/राजपूत- लगभग सात प्रतिशत
जाट- लगभग सात प्रतिशत
सैनी- लगभग सात प्रतिशत
ब्राह्मण व अन्य स्वर्ण जाति- लगभग 15 प्रतिशत।