नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के होली महोत्सव में रचनाकारों ने संतरंगी काव्य पाठ से सभी का मन मोह लिया।
साहित्यकार डॉ. सत्येंद्र कुमार गुप्ता की ओर से अग्रवाल धर्मशाला में होली महोत्सव आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. एलएस बिष्ट एवं विशिष्ट अतिथि अशोक अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रचनाकारों ने होली और सामाजिक परिवेश से जुड़ीं संतरंगी रचनाओं से समा बांध दिया। निशा अग्रवाल की रचना जाति धर्म का भेद भुला दो..., प्रमोद शर्मा की रचना मेरे मालिक मेरी जरा सी बात बन जाए..., डॉ. सत्येंद्र कुमार की रचना इस साल होली में होली खेले बरसाने की..., प्रदीप डेजी की रचना मिले अपनो से अपना पन तो होली याद आती है..., इंदू गुप्ता की रचना दिलों में छा जाता है खुमार होली में... काफी पसंद की गई। प्रदीप डेजी की अध्यक्षता और मंजू जौहरी के संचालन में आयोजित होलिकोत्सव में जितेंद्र जैन की रचना जो जान पर खेलते है महावीर होते है..., नीलम अग्रवाल की रचना मेरे घर में खुशबुओं का आना जाना है..., जयप्रकाश जौली की रचना तेरी होली, मेरी होली..., डॉ. बेगराज की रचना अपना बनाती है होली सभी ने पसंद की।
मुख्य अतिथि डॉ. एलएस बिष्ट ने कहा कि रचनाकारों ने रंगों के त्यौहार होली को शब्दों की खूबसूरत माला में पिरोकर संतरंगी बनाया है। उन्होंने होली की शुभकानाएं दी। कार्यक्रम में प्रेम कुमार सडाना, टीकम सिंह, अजय जौहरी, प्रमोद शर्मा, राजेश मिश्र राजू, नीरज सिंघल ने भी रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम में हरपाल सिंह, शिव कुमार माहेश्वरी, नरेश अग्रवाल, रमेश सेेठी, हेमंत अग्रवाल, विनय अग्रवाल, श्याम तिवारी, सुमनदीप, विरेश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।