लॉटरी का नंबर नहीं लगने पर कर डाली हत्या
बिजनौर। लॉटरी (सट्टे) का नंबर नहीं लगने पर पुजारी को मार डाला था। लकी नंबर मालूम करने के लिए हत्यारोपी काफी पहले से पुजारी के पास जाता था। पुजारी का बताया नंबर गलत निकलने पर सटोरिया पांच लाख रुपये हार गया तो वारदात को अंजाम दे डाला। इससे पहले पुजारी के बताए नंबर से वह सट्टे में ढाई लाख रुपये जीत भी चुका था। हत्यारोपी को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
मंगलवार को एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि 11 दिसंबर की सुबह गांव नांगल के पास जय महाकाली मंदिर के पुजारी रामदास गिरि का शव परिसर में ही पड़ा मिला था। पुजारी के सिर में चोट के निशान बने हुए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की। एसओजी और नांगल पुलिस ने हत्यारोपी मोहम्मद जीशान पुत्र इब्राहिम निवासी मोहल्ला चाहशीरी बिजनौर को दबोच लिया, जिसने पूछताछ में बताया कि वह सट्टे का नंबर लेने के लिए पुजारी के पास जाता था। लकी नंबर लेने के लिए उसने पुजारी को एक फोन और 51 हजार रुपये दिए थे। पुजारी का बताया हुआ नंबर सट्टे में नहीं आया, जिससे वह पांच लाख रुपये गवां बैठा। इसी के चलते पुजारी से मारपीट की और डंडे से वार कर दिया। सिर में चोट लगने से पुजारी की मौत हो गई थी। पुलिस ने केस को हत्या की धारा में तरमीम करते हुए आरोपी का चालान कर दिया। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी सिटी डा. प्रवीण रंजन सिंह, एएसपी देहात रामअर्ज भी मौजूद रहे। वहीं गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी नरेश कुमार, एसआई जर्रार हुसैन, नांगल थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार आदि रहे।
लकी नंबर से सट्टे में कमाए ढाई लाख
हत्यारोपी ने पिछले एक महीने में ही करीब ढाई लाख रुपये जीत चुका था। पुजारी के बताए लकी नंबर से हत्यारोपी जीशान ने एक बार 80 हजार रुपये कमा लिए थे। वहीं दूसरी बार में डेढ़ लाख का सट्टा लगा। इसके बाद जीशान लगातार लकी नंबर पूछकर सट्टा लगाता था। बाद में नंबर निकलने बंद हो गए। धीरे-धीरे कर पांच लाख का नुकसान कर लिया। पैसा हार जाने के बाद जीशान ने पुजारी को फोन किया था। फोन पर भी गाली गलौज की थी। इसके बाद वह पुजारी के पास नांगल चला गया। जहां वारदात को अंजाम दिया।