फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘कूड़ा निस्तारण का प्लान बनाएं नगर पालिका और पंचायतें’

विज्ञापन
बिजनौर कलक्ट्रेट में पराली जलाने से हो रहे प्रदूषण संबंधी बैठक को संबोधित करते डीएम रमाकांत पां? - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
‘कूड़ा निस्तारण का प्लान बनाएं नगर पालिका और पंचायतें’
विज्ञापन

बिजनौर। जिले की सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को कूड़ा निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। कूड़ा न जलाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। अगर कहीं पर कूड़ा जलता हुआ पाया जाता है तो वहां के कर्मचारियों और अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। डीएम कार्यालय से इस संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं।
नगर पालिकाओं का कूड़ा खुद पालिका प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। जिले में 12 नगर पालिका और छह नगर पंचायतें हैं। किसी भी नगर पालिका, नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण का कोई इंतजाम नहीं है। अकेले बिजनौर नगर पालिका से ही 40 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। कूड़े के निस्तारण के लिए नगर पालिका कर्मचारियों ने सबसे कारगर तरीका अपना रखा है कूड़े को जला देना। कुछ नगर पालिकाओं में कूड़े को सड़क किनारे गड्ढों में भर दिया जाता है, इससे कुदरती रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी खत्म हो जाते हैं। कई जगह पर नगर पालिका किसानों की गहरी जमीनों में कूड़ा भर रही हैं। जिले से निकलने वाला सैकड़ों मीट्रिक टन कूड़ा ऐसे ही ठिकाने लगाया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण के लिए अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को कूड़ा निस्तारण के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

फसलों से ज्यादा जल रहा कूड़ा
जिले में कूड़ा जलाने की घटनाओं को सेटेलाइट से पकड़ा जा रहा है। जिले में दस नवंबर तक 12 जगहों पर कूड़ा जलता हुआ पकड़ा गया था। जांच की गई तो इनमें से पांच जगह नगर पालिका और पंचायतों का कूड़ा जलते हुए पाया गया था। किसान संगठन भी नगर पालिकाओं द्वारा जलाए जा रहे कूड़े के विरोध में उतर आए हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि सरकारी कर्मचारी जो कूड़ा जला रहे हैं उस पर किसी का कोई ध्यान नहीं है, केवल किसानों को ही बदनाम किया जा रहा है।
विज्ञापन

फसल अवशेष जलाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे : डीएम
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडे ने कहा कि जिले में फसल अवशेष जलाने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसका पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
कलक्ट्रेट में बैठक में डीएम ने कहा कि जिले में कहीं भी पराली न जलाई जानी चाहिए। पराली को कंपोस्ट में तब्दील करने की संभावनाएं तलाशने को कहा। नगर पालिका/नगर पंचायत अधिशासी अधिकारियों को कूड़ा जलाने की घटनाओं को रोकने व ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उपनिदेशक कृषि व तहसीलदारों से इस संबंध में रिपोर्ट बनाने को कहा। अधीक्षण अभियंता को कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए जिले में कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ कामता प्रसाद, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अवधेश मिश्र समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें