धामपुर। नगीना लोकसभा सांसद चंद्रशेखर ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने का निवेदन किया है।
पत्र में बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कक्षा एक से आठ तक के शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर टीईटी शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता संबंधी आदेश पारित किया गया है। कई शिक्षकों की नियुक्ति पहले निर्धारित नियमों व शर्तों पर हुई थी।
अब वर्षों बाद नई अनिवार्यता लागू करने से उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीण और गरीब बच्चों की शिक्षा में शिक्षकों का अहम योगदान रहा है। ऐसे में उनके अनुभव को अनदेखा कर अचानक परीक्षा थोपना उचित नहीं है। अधिक उम्र वाले शिक्षकों के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना भी कठिन है।