दाल खाने से किशोरी के बाद मां ने भी तोड़ा दम
चांदपुर (बिजनौर)। चांदपुर थाने के बास्टा क्षेत्र के गांव बाड़ीवाला में एक परिवार में दाल खाने से हुई किशोरी की मौत के बाद इलाज के दौरान उसकी मां ने भी दम तोड़ दिया है। परिवार में मां-बेटी की मौत से कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया है। मां-बेटी की मौत के बाद हरकत में आई स्वास्थ्य टीम ने गांव में कैंप लगाकर जांच की।
गांव बाड़ीवाला निवासी शेर सिंह देहरादून में किसी प्राइवेट वाहन पर चालक का काम करते हैं। परिवार गांव में ही रहता है। रविवार को घर में बनी दाल खाने के बाद परिवार के सदस्यों को उल्टी, दस्त, चहेरे पर सूजन जैसी शिकायत हो गई। दाल खाने से शेर सिंह की करीब 14 वर्षीय पुत्री की मौत हो गई। परिवार में शेर सिंह की पत्नी गीता 45 वर्ष, गौरव 16 वर्ष, राजेश 13 वर्ष, दुष्यंत आठ वर्ष व मंजू नौ वर्ष की हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए सीएचसी स्याऊ लाया गया, जहां चिकित्सकों ने सभी को हायर सेंटर बिजनौर के लिए रेफर कर दिया।
बेटी की मौत की सूचना पर देहरादून से अपने गांव पहुंचे शेर सिंह के मुताबिक गीता की तबीयत में सुधार न आने पर उसे मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी इलाज के दौरान सोमवार रात मौत हो गई। मां-बेटी की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मंगलवार को दुष्यंत व मंजू की तबीयत में सुधार होता देख चिकित्सकों ने दोनों को घर भेज दिया। राजेश व गौरव का बिजनौर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि घर में बनी दाल बास्टा में रविवार को लगने वाले बाजार से खरीदी थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची गांव
मंगलवार को स्वास्थ्य टीम जांच के लिए गांव पहुंच गई है। सीएच प्रभारी डॉ. केपी सिंह ने बताया कि दाल खाने से एक ही परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ी है। दाल में कोई चीज आ जाने से दाल विषाक्त होने की आशंका है। गांव में कैंप लगाकर लोगों से कह दिया गया है कि जिस किसी को कोई परेशानी हो अपनी जांच कराकर दवा ले लें।