सर्दियों में हुई सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश
बिजनौर। सर्दियों में बरसात की तरह रही बारिश ने किसानों को परेशान कर दिया है। पिछले कई सालों में इतनी बारिश और ओलावृष्टि नहीं हुई है। अभी फसल तैयार न होने के बाद भी गेहूं की फसल को 15 से 20 प्रतिशत नुकसान हुआ है। दलहन और तिलहन की फसलों को भी भारी नुकसान है।
बारिश फसलों को बहुत फायदा पहुंचाती है। लेकिन बिना जरूरत के आंधी के साथ आई बारिश फसलों को उतना नुकसान भी पहुंचाती है। रही सही कसर ओलावृष्टि पूरी कर देती है। जिले में इस साल यही नुकसान देखने को मिल रहा है। फरवरी को छोड़कर दिसंबर, जनवरी और मार्च में सामान्य से दोगुनी बारिश हो चुकी है। मार्च में तीन से पिछले 20 दिन में कई बार ओलावृष्टि भी हो चुकी है। ओलावृष्टि और तेज हवा के झोंकों के साथ हो रही बारिश फसलों को बहुत नुकसान पहुंचा रही है। जिले में करीब एक हजार हेक्टेयर जमीन में दलहन की फसलें बोई जाती हैं। इन फसलों को बारिश की ज्यादा जरूरत नहीं होती है। लेकिन सामान्य से ज्यादा ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश ने इस बार दलहन की फसलों को लगभग बर्बाद ही कर दिया है। बारिश होने से दलहन की खेती करने वाले किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। सरसों की फसल को ओले से भारी नुकसान हुआ है।
जिले में पीलीभीत से आ रहा भूसा
बारिश की वजह से किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जनवरी से लेकर 13 मार्च तक 73 दिन में 15 दिन बारिश हुई है। बारिश की वजह से किसान गन्ने की छिलाई करके पशुओं को चारा नहीं खिला सके और भूसा खिलाया। इससे भूसा भी खत्म होने लगा। बाजार में भूसे के दाम पिछले 15 दिन में 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए हैं। भूसे के दाम 750 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। जिले के गोदामों पर भूसा खत्म हो चुका है। पीलीभीत जिले से व्यापारी भूसा मंगवा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार इस बार सर्दियों में बाकी सालों के मुकाबले ज्यादा बारिश हुई है। बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान भी हुआ है।
साल जनवरी फरवरी मार्च दिसंबर
2010 8.6 33.4 0 11.8
2011 00 8.4 4 0
2012 9.8 1.4 14 10.8
2013 52.2 110.4 14.8 9.2
2014 89.46 59.43 46.6 14.8
2015 36.7 9.6 88.6 0
2016 0 6 15.2 0
2017 42.4 2.6 2 4.4
2018 7.2 0 0 0
2019 57.6 77.2 4.6 25
2020 74.60 49.40 76
सामान्य बारिश 34.3 35.5 17.7 11.7
नोट : ये आंकड़े कृषि विभाग से लिए गए हैं।