मोक्षदायिनी गंगा अब बनेगी अर्थदायिनी
बिजनौर। मोक्षदायिनी कहे जाने वाली गंगा अब लोगों के लिए अर्थदायिनी साबित होगी। प्रशासन और वन विभाग ने मिलकर गंगा के किनारे रहने वाले लोगों के लिए पूरा प्लान तैयार किया है। इसके तहत गंगा हाट बनाए जाएंगे, वहीं गांवों में जैविक खेती, बांस की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही बिना लागत के आय के स्रोत बनाए जाएंगे। शुक्रवार को डीएम उमेश मिश्रा ने वन विभाग, विकास विभाग और नमामि गंगे के अफसरों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की।
कलक्ट्रेट के सभागार में जिला गंगा समिति तथा जिला पर्यावरण समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम उमेश मिश्रा ने सीडीओ, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी को निर्देश दिए कि गंगा बैराज घाट पर गंगा हाट का विकास करें और जिले के गंगा तट पर बसे गांवों को अर्थ गंगा योजना से आच्छादित करने के लिए उक्त ग्रामों में सर्वप्रथम गंगा प्रहरियों का गठन करें। उन्हें कार्यरत कार्यदायी संस्था से आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। जिससे इन गांवों को अर्थ गंगा कार्यक्रम के अंतर्गत आदर्श ग्रामों में विकसित कर इस योजना का औचित्य सिद्ध किया जा सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केपी सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, डीएफओ डॉ. अनिल पटेल, डब्ल्यूआईआई से प्रीति शुक्ला समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गांवों को किया जाए प्रदूषण मुक्त
डीएम ने कहा कि प्रदूषण एक समस्या नहीं, बल्कि एक त्रासदी का रूप धारण करती जा रही है। समय रहते पर्यावरण सुरक्षा के लिए उचित उपाय नहीं किए गए तो जीव-जंतु ही नहीं अपितु धरती का अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है। डीएम ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी अधिशासी अधिकारी नगर निकायों से शहरी क्षेत्रों एवं सड़क के किनारों पर किसी भी अवस्था में कूड़ा-कचरा न पाए जाने संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त करें। डीएम ने बैठक में जैविक खेती कोे बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही नकद आय प्राप्त करने को बांस की खेती के लिए स्थानीय लोगों को प्रेरित करने तथा अधिक से अधिक पौध रोपित किए जाने संबंधी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
विद्युत शवदाह गृह का किया जाएगा निर्माण
डीएम ने गंगा बैराज को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि बैराज घाट पर होने वाले दाह संस्कार के लिए विद्युत शवदाह गृह का निर्माण किया जाएगा। ताकि गंगा के तट पर प्रदूषण को रोका जा सके। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सॉलिड वेस्ट के लिए जगहों का चिह्नित कराना सुनिश्चित करें। ताकि कचरे को एक जगह जमा किया जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक में विशेष सफाई सप्ताह का आयोजन कराएं।