ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ लामबंदी शुरू
बिजनौर। मनरेगा के तकनीकी सहायक व जूनियर इंजीनियर तबादलों व संबद्धीकरण को लेकर ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। ब्लॉक प्रमुखों पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं। मनरेगा तकनीकी सहायक व जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन के पदाधिकारी ब्लॉक प्रमुखों की मनरेगा में दखलंदाजी समाप्त करने की मांग को लेकर एडीएम वित्त एवं राजस्व से मिले हैं।
एसोसिएशन जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रीति जायसवाल को बताया कि वर्ष 2008 से तकनीकी सहायक मनरेगा में ड्यूटी कर रहे हैं। आरोप लगाया कि नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख मनरेगा के कामों में दखलंदाजी कर रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख क्षेत्र पंचायत में कोई काम नहीं करा रहे हैं। कहा गया कि पंचायतों के मनरेगा कामों में दखलंदाजी कर रहे हैं। पंचायत के कामकाज ग्राम प्रधान के कार्यक्षेत्र में आते हैं। आरोप लगाया है कि ब्लॉक प्रमुख भ्रष्टाचार कराने को दबाव बना रहे हैं। इसका विरोध करने पर तकनीकी सहायकों के तबादले व संबद्धीकरण किए जा रहे हैं। मनरेगा में शासनादेश का पालन नहीं हो रहा है। भूपेंद्र सिंह, लेखराज सिंह, सुशील कुमार, अजय कुमार, प्रमोद कुमार, राकेश कुमार, रविचंद्र, अरुणपाल आदि रहे।
क्षेत्र पंचायतों का मनरेगा बजट शून्य
भूपेंद्र सिंह ने एडीएम को बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए तैयार किए गए लेबर बजट में क्षेत्र पंचायत का मनरेगा बजट शून्य रखा गया है। जिले में क्षेत्र पंचायतों वार मनरेगा में कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। कहा कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य हो रहे हैं। तकनीकी सहायक व जूनियर इंजीनियर काम में पूर्ण गुणवत्ता बनाए हुए हैं। मांग की है कि ब्लाक प्रमुखों का हस्तक्षेप तुरंत बंद कराया जाए।
डिप्टी सीएम के समक्ष मामला उठाने की तैयारी
सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आठ दिसंबर को नूरपुर में आ रहे हैं। जिले के तकनीकी सहायकों एवं जूनियर इंजीनियर ने ब्लॉक प्रमुखों की मनरेगा के कामकाज में दखलंदाजी का मामला डिप्टी सीएम के समक्ष उठाने का फैसला लिया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तैयारी की जा रही है। सभी मामलों के बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया है।