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विद्यालयों के छात्रों के अभिलेखों में मिली गड़बड़ी

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विद्यालयों के छात्रों के अभिलेखों में मिली गड़बड़ी
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बिजनौर। यूपी बोर्ड इंटर का परीक्षाफल इसी सप्ताह जारी करने की तैयारी है। इसी के अंतर्गत छात्रों के अभिलेखों की जांच हो रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले के आठ विद्यालयों के छात्रों के अभिलेखों में गड़बड़ी पकड़ी है, जिस पर डीआईओएस ने संबंधित विद्यालयों को स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
जिले के 387 विद्यालयों के 41 हजार से अधिक छात्र इंटर में पंजीकृत हैं। इंटर में गैर राज्यों के छात्र-छात्राएं भी प्राइवेट फार्म भरते हैं। छात्रों को परीक्षा में शामिल होने के लिए हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा की अंकतालिका व रजिस्ट्रेशन नंबर आवेदन पत्र में अंकित करना होता है। जिनका बोर्ड मूल अभिलेखों से मिलान करता है।
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कोरोना के कारण वर्ष 2021 की परीक्षा निरस्त हो गई है। शासन के तय फार्मूला के आधार पर छात्रों का इंटर का रिजल्ट तैयार हो रहा है। बताया गया कि पूर्व वर्षों में रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्रों के अभिलेखों में नाम, पिता व माता का नाम, हाईस्कूल उत्तीर्ण वर्ष आदि की गलती यह जाती थी तो छात्रों का रिजल्ट रुक जाता था। छात्रों को अभिलेख ठीक कराने के लिए परेशान होना पड़ता था। शासन की मंशा है कि वर्ष 2021 का रिजल्ट घोषित होने से पहले इस तरह की गलतियों को पहले ही सुधार लिया जाए। इसलिए अभिलेखों की बारीकी से जांच की जा रही है। बोर्ड ने छात्रों को नाम सुधार का मौका दिया था। अब जिले के आठ विद्यालयों के छात्रों में हाईस्कूल के अनुक्रमांक मिसमैच होने जैसी गलती पकड़ में आई है।
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स्कूलों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि सभी आठ विद्यालयों से मामले में स्थिति साफ करने को कहा गया है। छात्रों की हाईस्कूल की मार्कशीट में अंकित अनुक्रमांक मूल अभिलेखों से नहीं मिल रहे हैं। विद्यालय छात्रों की अंकतालिका सत्यापित करके भेज रहे हैं। कोई भी कमी रहने पर विद्यालय जिम्मेदार होंगे।
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