सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मिलों ने घटाया इंडेंट
बिजनौर। कोरोना के प्रसार को कम करने के लिए चीनी मिलों ने पेराई क्षमता कम कर दी है। चीनी मिलों में किसानों को कम से कम संख्या में बुलाया जा रहा है। इस वजह से चीनी मिल रोज एक से दो घंटा गन्ना न होने के कारण बंद भी रहती हैं। लेकिन कोरोना के प्रसार को कम करने के लिए मिल ऐसा कर रही हैं।
कोरोना से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है। सरकार ने चीनी मिलों के संचालन को हरी झंडी दे रखी है। लेकिन चीनी मिलों में भी पूरी एहतियात बरती जा रही हैं। चीनी मिल परिसर में दिन में कई कई बार सैनिटाइजर का छिड़काव कराया जा रहा है। मिलों में हर घंटे एनाउंस करके किसानों से साबुन से हाथ धोने व सैनिटाइजर लगाने के लिए कहा जा रहा है। किसानों को एकत्र भी नहीं होने दिया जा रहा है। चीनी मिलों के गेट पर किसान सीधे गन्ना लाते हैं।
मिलों में एक दिन का कार्यकाल सुबह छह बजे खत्म माना जाता है। मिलों देखा जाता है कि मिल परिसर में कितना गन्ना है और कितना हो सकता है। बिजनौर चीनी मिल जैसी कम पेराई क्षमता वाली मिल में सुबह के समय करीब पांच से छह हजार क्विंटल गन्ना रहता है। मिल में किसानों की भीड़ रहती है। बाकी मिलों में भी अमूमन यही हालत रहती थी। लेकिन लॉकडाउन के दौरान किसानों की भीड़ को कम करने के लिए मिलों ने अपना इंडेंट कम किया है। मिल परिसर में किसानों को कम बुलाया जा रहा है। भले ही चीनी मिल गन्ना न होने पर नो केन में बंद रहें, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मिलें कम इंडेंट जारी कर रही हैं। बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार इंडेंट थोड़ा कम किया गया है। भले ही चीनी मिल नो केन में बंद रहे, लेकिन किसानों की भीड़ परिसर में एकत्र नहीं होने दी जाएगी।
चीनी मिल पेराई क्षमता
धामपुर 14000
स्योहारा 13000
बिलाई 9000
बहादरपुर 7500
बरकातपुर 7000
बुंदकी 6500
चांदपुर 4500
बिजनौर 3500
नजीबाबाद 3000
कुल क्षमता 68000
नोट : पेराई क्षमता लाख टन में है।