बिजनौर। गन्ना भुगतान के लिए चीनी मिलों ने बैंकों से 1700 करोड़ रुपये से ज्यादा की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) मांगी है। अगर यह सीसीएल मंजूर हो जाती है तो बैंक चीनी गिरवी रखकर चीनी मिलों को किसानों को गन्ना भुगतान के लिए लोन दे देंगे।
इस साल कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लगने से चीनी की बिक्री बहुत प्रभावित हुई है। खपत कम होने से मिलों से चीनी का उठान बहुत कम हुआ। मिलों के पास पिछले साल की चीनी का अब भी करीब 25 प्रतिशत स्टॉक है। चीनी मिलों का पेराई सत्र तो करीब सात महीने ही चलता है लेकिन चीनी की बिक्री पूूरे ही साल होती है। ऐसे में गन्ना भुगतान जल्दी कराने के लिए मिल बैंकों के भरोसे रहती हैं। चीनी मिलें बैंकों से सीसीएल यानि कैश क्रेडिट लिमिट के लिए आवेदन करती हैं। सीसीएल में मिलने वाली राशि से किसानों का भुगतान किया जाता है। नियम के अनुसार बैंक चीनी मिलों की चीनी को बंधक बना लेंगे और चीनी मिलों को लोन दे देंगे। शुगर मिलें चीनी बेचकर आने वाली राशि को बैंकों को लौटा देंगी। सीसीएल के लिए आवेदन करने के समय चीनी का जो बाजार भाव होता है, मिल के स्टॉक में चीनी की कीमत से 70 से 80 प्रतिशत का लोन दिया जाता है।
चीनी मिल अभी पिछले साल का बकाया भुगतान अब तक नहीं कर पाई हैं। ऐसे में मिलों ने भुगतान में मदद के लिए फिर एक बार से बैंकों की ओर रुख किया है। मिलों ने बैंकों से 1700 करोड़ रुपये से अधिक का सीसीएल मांगी है, जिससे किसानों का भुगतान किया जाएगा। ।
चीनी मिल सीसीएल आवेदन
चांदपुर 100
बिजनौर 70
धामपुर 470
अफजलगढ़ 181
स्योहारा 260
बुंदकी 250
नजीबाबाद 240
बरकातपुर 140
कुल 1711
नोट:सीसीएल राशि करोड़ रुपये में है। इसकी सूचना चीनी मिलों से ली गई है।
बजाज ग्रुप की बिलाई चीनी मिल ने सीसएल के लिए आवेदन नहीं किया है। बजाज ग्रुप पर बैंकों की पहले से ही बहुत देनदारी है। इसलिए बिलाई मिल को बैंकों से सीसीएल नहीं मिल पाता है। बैंक बिलाई चीनी मिल को सीसीएल देने से हाथ खड़े कर देते हैं।
मांगा है सीसीएल
बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार मिल ने 100 करोड़ का सीसीएल मांगी है। सीसीएल मंजूर होते ही इससे किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।
सीसीएल से करेंगे भुगतान
धामपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप शर्मा के अनुसार मिल ने सीसीएल के लिए आवेदन कर दिया है। सीसीएल मंजूर होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।