एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और पड़ोसियों से पूछताछ की गई। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले ग्राम लालपुर थाना कुंडा निवासी इमरान और थाना शेरकोट जिला बिजनौर निवासी मीनाक्षी पर शक हुआ।
पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। मीनाक्षी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई। पांच दिन तक उसे अपनी रिश्तेदार काशीपुर निवासी शीला के यहां रखा। इसके बाद उसे यूपी के मुरादाबाद जिले में ले गए जहां किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। जब किशोरी वापस घर जाने के लिए जिद करने लगी तो पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने इस मामले में इमरान, मीनाक्षी, शीला के साथ ही इमरान निवासी ग्राम लालपुर थाना कुंडा, इस्लाम निवासी थाना ठाकुरद्वारा जिला मुरादाबाद (यूपी) हाल निवासी सरवरखेड़ा थाना कुंडा, असगर उर्फ नन्हे निवासी थाना डिलारी जिला मुरादाबाद हाल निवासी सरवरखेड़ा थाना कुंडा को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, जिस जगह किशोरी किराए पर रह रही थी उसके पड़ोस में ही इमरान और मीनाक्षी रहते थे। सभी आरोपी मजदूरी करते हैं।
परिजनों को दिखाया कार्रवाई का डर
मानसिक रूप से कमजोर किशोरी 10 सितंबर से घर से गायब थी। आरोपी पड़ोसियों ने उनके परिवार को डराया कि तुम्हारा सत्यापन नहीं हुआ है। यहां किराये के मकान में रह रहे हो। अगर शिकायत करने जाओगे तो जुर्माना भरना पड़ेगा। इस डर से परिवार वाले खुद ही बेटी की तलाश करते रहे। कई दिन बाद भी जब बेटी नहीं मिली, तो उन लोगों ने 29 सितंबर को कुंडा थाना में शिकायत की।
बेटी को नहीं दे पाए अंतिम विदाई
नाबालिग बेटी को परिजन आखिरी बार देख तक नहीं पाए। दरअसल, किशोरी की हत्या 19 सितंबर को कर दी गई थी। इसके बाद 22 सितंबर को कांठ में मुरादाबाद पुलिस ने शव बरामद किया था। शव की शिनाख्त के लिए जब कोई नहीं पहुंचा तो पुलिस ने अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
वहीं, जब कुंडा पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद मुरादाबाद पुलिस से संपर्क किया, तब किशोरी की पुष्टि हुई। परिजन आखिरी बार अपनी बेटी को देख तक नहीं पाए। बताया गया कि किशोरी के पिता ने परिवार को छोड़ दिया था जिसके चलते मां अपने बच्चों को लेकर काशीपुर आ गई और यहां मजदूरी करती है।