बिजनौर। जिले में पंजीकृत सभी मेडिकल स्टोरों का सत्यापन किया जा रहा है। ऐसे में आठ होलसेल स्टोर सिर्फ कागजों में ही संचालित मिले। सत्यापन के दौरान मौके पर कोई मेडिकल स्टोर नहीं मिला। इसके चलते औषधि निरीक्षक ने इनके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिले में करीब 1800 होलसेल मेडिकल स्टोर पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक करीब 450 मेडिकल स्टोरों का सत्यापन हुआ है। इनमें से आठ मेडिकल स्टोर मौके पर नहीं मिले, जबकि कागजों में कई संचालित हो रहे हैं। इनके लाइसेंस साल 2020, 2021 के थे। दरअसल, बिजनौर में कोडिन सिरप का मामला पकड़ में आया था। लाइसेंस में जिस जगह पर व्यापार दिखाया गया था, वहां मेडिकल स्टोर संचालित नहीं था, जबकि दूसरा व्यक्ति दूसरी जगह उस लाइसेंस पर होलसेल मेडिकल स्टोर चला रहा था। इसके बाद शासन स्तर ने सभी होलसेल मेडिकल स्टोर का सत्यापन करने के निर्देश जारी किए गए। बिजनौर में भी मई माह से सत्यापन किया जा रहा है।
लाइसेंस का दुरुपयोग बचाने को हो रहा सत्यापन
अगर, संचालक द्वारा मौके पर मेडिकल स्टोर संचालित नहीं किया जा रहा है, जबकि, कागजों में लाइसेंस चल रहा है। इस स्थिति में लाइसेंस का दुरुपयोग होने का अधिक खतरा रहता है। फर्जी दवाइयों की खरीद फरोख्त, बिना बिल दवाइयों की खरीदारी, प्रतिबंधित दवाइयों की खरीदारी का भी खतरा रहता है।
वर्जन::
सिर्फ कागजों में संचालित आठ होलसेल मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए डीएलए को फाइल भेज दी गई है। सत्यापन के दौरान मेडिकल स्टोर मौके पर संचालित नहीं मिले थे।
-उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर