बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट डॉ. शहजाद अली ने समरीन की हत्या में मरगूब उर्फ मुन्ना को दोषी पाया है और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पचास हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
मोहम्मदपुर देवमल निवासी मोहम्मद आरिफ ने थाना मंडावर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि 6 जून 2020 को करीब 9:30 बजे मरगूब उर्फ मुन्ना पुत्र हाफिज दिलदार कुरैशी निवासी गांव इनामपुरा जबरदस्ती घर में घुस आया। उसने घर में कपड़े धो रही उसकी बहन समरीन को जान से मारने की नीयत से चाकू से ताबड़तोड़ बार कर दिए। कहा कि यदि तुम मेरी नहीं हो सकती तो किसी और कि नहीं होने दूंगा। समरीन घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया। सात जून को इलाज के दौरान समरीन की मौत हो गई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई करते हुए मरगूब उर्फ मुन्ना को हत्या का दोषी पाया।