बिजनौर। इस बार जिले की कई चीनी मिलों का पेराई सत्र मार्च के अंतिम दिनों में बंद हो जाएगा। कई चीनी मिलों की पेराई अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह और एक या दो चीनी मिलों का पेराई सत्र 15 अप्रैल तक पहुंचने की संभावना है।
गन्ना उत्पादन कम होने से चीनी मिलें जल्द बंद हो रही है। क्षेत्र का ज्यादा से ज्यादा गन्ना पेराई करने के लिए बिलाई चीनी मिल ने गेट व सभी क्रय केंद्रों पर खुली तौल आरंभ कर रखी है। कुछ दूसरी चीनी मिलों ने भी कई क्रय केंद्रों पर बिना पर्ची के तौल शुरू कर दी है। जनपद में दो लाख करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती हो रही है। इस गन्ने की पेराई के लिए जिले में दस चीनी मिलें और सैकड़ों पावर कोल्हू व क्रेशर संचालित हैं। बिजनौर चीनी मिल के जीएम केन शीशपाल सिंह ने बताया कि चीनी मिल क्षेत्र का समस्त गन्ना पेराई कर बंद होगी। मार्च के अंतिम सप्ताह तक चीनी मिल चलने की संभावना है।
बिलाई चीनी मिल के जीएम केन राहुल चौधरी ने बताया कि बिलाई चीनी मिल ने अभी तक 80 लाख 50 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की है। पिछले पेराई सत्र में मिल ने एक करोड़ चार लाख 62 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की थी। चीनी मिल को क्षेत्र का पूरा गन्ना पेराई करने के बाद ही बंद किया जाएगा। उनकी चीनी मिल गेट एवं क्षेत्र के क्रय केंद्रों में बिना पर्ची के गन्ना तौल यानी खुली तौल आरंभ कर रखी है।