कोरोना के साथ मलेरिया भी बनेगा चुनौती
बिजनौर। कोरोना संक्रमण के साथ-साथ मलेरिया से भी सतर्क रहना है। जनवरी से मार्च तक स्वास्थ्य विभाग ने 14 हजार 200 लोगों के रक्त के नमूने लिए थे। इसमें 11 लोग मलेरिया से ग्रसित मिले थे, उनका उपचार किया गया। वे अब पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं।
हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य है लोगों को मलेरिया के बारे में जागरूक करना और इस बारे में सतर्क रहने की सलाह देना है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच मलेरिया के बारे में जागरूक किया जाएगा। आशा कार्यकर्ता के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचने के साथ ही मलेरिया से किस प्रकार बचा जाए, इसकी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो मच्छर के काटने से होती है। इंसान को सही समय पर इलाज न मिले तो इस कारण उसकी मौत भी हो जाती है। उन्होंने कहा कि बदलते हुए मौसम में अगर किसी को भी मच्छर काटने की वजह से ऐसी शिकायत दिखे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। बताया कि एक जनवरी 2021 से 31 मार्च 2021 तक कुल 14 हजार 200 लोगों के रक्त के नमूने लिये गए थे, जिसमें से 11 लोग मलेरिया से ग्रसित मिले थे।
ये हैं लक्षण
- संक्रमित व्यक्ति को तेज सिर दर्द होता है।
- उसे उल्टी या मिचली जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
- तेज बुखार आता है, जो लंबे समय तक बना रहता है।
- ठंड लगकर या फिर कंपकंपी के साथ बुखार आता है।
- थोड़ी-थोड़ी देर पर प्यास लगती है।
- हाथ और पैर में ऐंठन बनी रहती है।
- थकान और कमजोरी महसूस होती है।
- घबराहट और बेचैनी जैसा अनुभव होता है।
- बहुत ज्यादा ठंड लगती है।
ऐसे करें बचाव
- अपने आसपास कहीं पर भी पानी ना इकट्ठा होने दें।
- बारिश होने से पहले घर की छत पर पड़े टायर या फिर गमलों को पूरी तरह से ढक दें ताकि उनमें पानी इकट्ठा न हो पाए।
- कूलर के पानी को नियमित रूप से बदलते रहें।
- घर के फर्श और आसपास की जगह को फिनॉयल जैसे कीटाणुनाशक से साफ करते रहें।
- अगर आप किसी ऐसे क्षेत्र में रह रहे हैं जहां पर बहुत ज्यादा मच्छर हैं तो रात को सोते समय मच्छर मारने वाली क्वाइल या फिर मच्छरदानी लगाकर सोएं।
- बारिश के दिनों में ऐसे कपड़े पहनें जिससे हाथ और पैर पूरी तरह से ढके रहें।