फसलों का दाम, विकास, रोजगार मुद्दे पर हो चुनाव
दिन ढल रहा था और राजनीति पारा बढ़ रहा था। ऐसा पल व दृश्य अमर उजाला के चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' में लोकसभा चुनाव के मुद्दों पर चर्चा में था। इस संग्राम में भाजपा के प्रतिनिधि अच्छी कानून व्यवस्था और विकास की ताल पर सरकार की नीतियों पर ताल ठोक रहे थे। वहीं, एनडीएम गठबंधन का हिस्सा बनी रालोद के प्रतिनिधि सत्ता में रहकर किसानों के उत्थान की वकालत करते दिखाई दिए।
विपक्षी पार्टी कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि विकास की पोल खोलते हुए कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल साध रहे थे। कांग्रेस नेता मुनीश त्यागी ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सपा प्रवक्ता अखलाक पप्पू ने किसानों के विकास पर सवाल उठाए और कहा कि कई जान चली गई, लेकिन बिजनौर-मेरठ हाईवे अभी भी बदहाल है। किसान नेता शूरवीर सिंह ने किसानों की समस्याओं को उठाया।
विपक्षी नेता नजाकत अली कंभौर ने भाजपा से रालोद गठबंधन पर सवाल उठाया और कहा कि समझौता गठबंधन है। इस पर रालोद नेत्री आशु राणा, संजीव चौधरी ने कहा कि किसानों के उत्थान के लिए एनडीए के साथी बने।
भाजपा नेता डॉ. बीरबल सिंह ने कहा कि 70 साल में कांग्रेस को किसान व किसान मसीहा की याद नहीं आई। भाजपा की केंद्रीय सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर किसानों का मान बढ़ाया है। सरकार लगातार किसानों के हित में कार्य कर रही है। भाजपा व रालोद नेताओं ने विकास की बात पर चुनाव लड़ने की बात कही। वहीं, विपक्षी नेताओं ने कानून व्यवस्था, विकास, फसलों का उचित मूल्य, रोजगार के मुद्दे पर चुनाव होने की वकालत की।