महामारी में भी अस्पताल में लटका ताला
राजा का ताजपुर। बुखार और कोरोना के बीच सरकारी अस्पताल पांच दिन से बंद होने के कारण क्षेत्रवासियों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के मुख्य गेट पर लगा ताला देखकर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज मायूस लौट रहे हैं।
ताजपुर में बने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले पांच वर्षों से चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां तैनात एकमात्र फार्मेसिस्ट ही अस्पताल आने वालों का इलाज करता है। पिछले पांच दिनों से उक्त फार्मेसिस्ट को नूरपुर बुला लिया गया है, जिसके बाद से अस्पताल पर ताला लटका है। इस समय गांवों में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। बुखार से ताजपुर में ही करीब 12 लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुखार के मरीज प्रतिदिन स्वास्थ्य केंद्र पर लटका ताला देख निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। ग्रामवासियों ने अस्पताल में शीघ्र एक चिकित्सक की तैनाती कराने की मांग की है।