बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित रहा जनजीवन
बिजनौर। जिले भर में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद भी ठंड में बढ़ोतरी नहीं हुई। पिछले तीन दिनों से रुक रुक कर हो रही बारिश से जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया। मंगलवार रात जगह-जगह बिजली की गरज के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि के बावजूद तापमान में गिरावट नहीं आई। परिणामस्वरूप बुधवार को जनपद का न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह के समय आर्द्रता 96 प्रतिशत रही, जो दोपहर में घटकर 68 फीसदी पर पहुंच गई। बारिश दस एमएम दर्ज की गई।
पिछले तीन दिनों से मौसम खराब चल रहा है। कभी अचानक बारिश होने लगती है तो कभी तेज धूप निकलने लगती है। कभी आसमान में बादल छा जाते हैं। ऐसा मौसम होने के बाद भी जनवरी में अपेक्षाकृत ठंड काफी कम हो रही है। मौसम अनुसंधान केंद्र नगीना के अनुसार मंगलवार को जिले का न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन बुधवार को यह गिरने की बजाए बढ़कर 17.4 डिग्री पर पहुंच गया। मंगलवार को भी पूरे दिन रुक रुक बारिश होती है। यह सिलसिला बुधवार की दोपहर तक जारी रहा। सुबह करीब चार बजे जिले में तेज गरज के साथ बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। जिला मुख्यालय पर दिल्ली कोटद्वार मार्ग, रेलवे स्टेशन रोड आदि स्थानों में जलभराव हुआ। मौसम अनुसंधान केंद्र नगीना के प्रेक्षक सतीश कुमार के अनुसार सर्दी में दोबारा से इजाफा होगा, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
संभलकर रहें, बदलता मौसम कर सकता है बीमार
नगर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राहुल विश्नोई ने बताया कि पहाड़ों की बर्फबारी और हवाओं का रुख बदलने से ठंड में काफी कमी आई है। ऐसे में रात में भी गर्मी का अनुभव हो रहा है। इस मौसम में लापरवाही बिल्कुल भी ठीक नहीं है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए यह मौसम बेहद ही नुकसानदायक हो सकता है। खांसी, नजला, जुकाम और वायरल आदि की समस्या हो सकती है। इन सब परेशानियों से बचने के लिए आठ से दस घंटे की नींद लें और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने में लापरवाही न बरतें।
बारिश फसलों के बनी वरदान, ओलावृष्टि से बढ़ी चिंता
नूरपुर। बुधवार की सुबह बारिश के साथ ओले भी पड़े। करीब 20 मिनट तक ओले गिरने से किसानों में चिंता बढ़ गई। हालांकि ओलों बहुत छोटे होने के कारण फसल को नुकसान नहीं हुआ। तीन दिन से हो रही बारिश से किसानों को काफी फायदा हुआ है। गेहूं एवं सरसों के लिए बारिश वरदान बताई जा रही है। बुधवार की तड़के हुई तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। करीब 20 मिनट तक ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई। हालांकि ओले काफी बारीक होने से फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ। किसान, शेर सिंह, हुकुम सिंह, अलीमुद्दीन, मेहंदी हसन आदि का कहना है कि इस समय गेहूं और सरसों की फसल को सिंचाई की काफी जरूरत थी। यह बारिश फसल के लिए वरदान साबित हुई है।
बाईपास पर जलभराव से हो रही मुसीबत
चांदपुर/नींदड़ू। तीन दिन से हो रही बारिश से बिजनौर बाईपास रोड जलमग्न हो गई। इससे लोगों को वाहनों से चलना तो दूर पैदल निकलने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। बिजनौर बाईपास रोड पर पानी की निकासी सही न होने के कारण बारीश होने पर सड़क पर चूना भट्टी, एसआईसी ऑफिस के पास, मोहल्ला गोकुलनगर में सड़क हाईवे रोड पर भारी मात्रा में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाले की निकासी ठीक न होने से नाले का पानी मकानों में आ जाता है। इससे वहां पर रह रहे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा हाल ही में बनी पीडब्लूडी की रोड भी क्षतिग्रस्त होने के कगार पर है। नींदडू़ में मंगलवार देर रात से रुक रुक कर हो रही बारिश बुधवार को दोपहर तक होती रही। सुबह के समय चने के आकार के ओले से ठंड में मामूली सा इजाफा हुआ। अथर हुसैन, अरशद अली, हरिराज सिंह गहलोत, मोहन सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि ने ओले एवं वर्षा को गेहूं, सरसों और गन्ने की फसल के लिए लाभदायक बताया है। इन किसानों का कहना है कि इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। हाल ही में बोये गए गेेहूं या गहरे खेतों में सिंचित खड़ी सरसों की फसल को नुकसान की संभावना है।